भारत-अमेरिका व्यापार समझौता युवाओं और उद्यमियों के लिए अपार अवसर खोलेगा : अमित शाह

नयी दिल्ली, तीन फरवरी – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को मंगलवार को “ऐतिहासिक” करार देते हुए कहा कि यह दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे और परस्पर विकास को गति मिलेगी।

शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि यह समझौता भारत के युवाओं और उद्यमियों के लिए अपार अवसरों के नए मार्ग खोलेगा।
उन्होंने लिखा,
“भारत-अमेरिका संबंधों के लिए यह एक बड़ा दिन है। 18 प्रतिशत की काफी कम की गई शुल्क दर के साथ तय हुआ यह व्यापार समझौता मजबूत व्यापारिक रिश्तों और साझा विकास का रास्ता खोलेगा।”

इस “ऐतिहासिक समझौते” के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई देते हुए शाह ने कहा कि यह सौदा भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और ऊंचाइयों पर ले जाएगा तथा दोनों देशों और उनके नागरिकों को व्यापक लाभ पहुंचाएगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और अधिक फले-फूलेगा।

भारत और अमेरिका के बीच हुए इस व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले पारस्परिक शुल्क को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। शाह ने कहा कि इससे भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नई ताकत मिलेगी और छोटे उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
उन्होंने कहा,
“देश के छोटे उद्यमियों को सीधा लाभ पहुंचाने वाली इस पहल के लिए मोदीजी का आभार।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोमवार को समझौते की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी खुशी जाहिर की थी। मोदी ने ‘एक्स’ पर कहा था कि उन्हें प्रसन्नता है कि अब ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर केवल 18 प्रतिशत का घटा हुआ शुल्क लगेगा।
प्रधानमंत्री ने लिखा था,
“आज मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर घटे हुए टैरिफ की इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का बहुत-बहुत धन्यवाद।”

मोदी ने कहा था कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र साथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे आम लोगों को लाभ होता है और परस्पर हितों वाले सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।
उन्होंने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा था कि भारत शांति के लिए उनके प्रयासों का पूरा समर्थन करता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह द्विपक्षीय साझेदारी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हैं, हालांकि उन्होंने ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट में उल्लिखित कुछ अन्य मुद्दों का उल्लेख नहीं किया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि भारत, अमेरिका के खिलाफ “टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं” को शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगा और नई दिल्ली अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक के सामान की खरीद करेगा, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र भी शामिल होगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा,
“प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दोस्ती और सम्मान के कारण, और उनके अनुरोध पर, हमने तुरंत प्रभाव से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमति व्यक्त की है, जिसके तहत पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है।”

उन्होंने कहा कि भारत के साथ अमेरिका के “अद्भुत संबंध” और मजबूत होंगे और मोदी तथा वह ऐसे नेता हैं जो परिणाम देने में विश्वास रखते हैं।
ट्रंप ने यह भी बताया कि दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के मुद्दे पर चर्चा की और कहा कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करने तथा अमेरिका और संभावित रूप से वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमत हुआ है, जिससे युद्ध समाप्त करने के प्रयासों में मदद मिल सकती है।

उल्लेखनीय है कि मोदी और ट्रंप के बीच यह फोन वार्ता उस दिन हुई, जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर वाशिंगटन की यात्रा पर थे। दोनों नेताओं के बीच इससे पहले अक्टूबर 2025 में फोन पर बातचीत हुई थी। पिछले वर्ष फरवरी में दोनों ने एक बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को पतझड़ तक अंतिम रूप देने पर सहमति जताई थी।

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