लखनऊ, 27 जनवरी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को भारत की वैश्विक आर्थिक यात्रा में एक ऐतिहासिक छलांग बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि किसानों, एमएसएमई, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक समझौता भारत को यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ जोड़ता है और 99 प्रतिशत से अधिक भारतीय उत्पादों को तरजीही बाजार पहुंच उपलब्ध कराता है। इससे लगभग 6.41 लाख करोड़ रुपये की निर्यात क्षमता खुलने की संभावना है, जिसका सबसे अधिक लाभ श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मिलेगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह समझौता किसानों को सशक्त बनाने, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत करने, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ कुशल पेशेवरों के लिए वैश्विक स्तर पर अवसरों का विस्तार करेगा। उन्होंने इसे साझा समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत खाका करार दिया।
उल्लेखनीय है कि भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को इस ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसे अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता बताया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व ने व्यापार, निवेश और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
दोनों पक्षों ने नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को आगे बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए एक व्यापक एजेंडा प्रस्तुत किया। यह समझौता भारत को वैश्विक व्यापार के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।
