पांच देशों की छह दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी, ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर

नई दिल्ली, 15 मई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात समेत चार यूरोपीय देशों की छह दिवसीय महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग प्रमुख एजेंडा रहेगा। प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे।

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य माना जा रहा है। प्रधानमंत्री विभिन्न देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा करेंगे।

यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात पहुंचेंगे, जहां वह वहां के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा सहयोग, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कम से कम दो महत्वपूर्ण समझौतों पर भी सहमति बन सकती है।

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न अनिश्चित परिस्थितियों के बीच प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों से ऊर्जा संरक्षण और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए मितव्ययिता अपनाने की अपील भी कर चुके हैं।

यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की यात्रा करेंगे। वर्ष 2017 के बाद यह उनकी दूसरी नीदरलैंड यात्रा होगी। इस दौरान वह नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भेंट करेंगे तथा प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री 17 से 18 मई तक स्वीडन के गोथेनबर्ग शहर में रहेंगे। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ होने वाली वार्ता में व्यापार, हरित ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति श्रृंखला जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। दोनों नेता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।

यात्रा के चौथे चरण में प्रधानमंत्री 18 से 19 मई तक नॉर्वे की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली नॉर्वे यात्रा होगी और पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा भी मानी जा रही है। यहां वह तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

प्रधानमंत्री नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से मुलाकात करेंगे तथा प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान व्यापार, निवेश, हरित प्रौद्योगिकी और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

19 मई को ओस्लो में आयोजित भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के शीर्ष नेता भी भाग लेंगे।

यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 19 से 20 मई तक इटली की यात्रा करेंगे। यह दौरा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से मुलाकात करेंगे तथा प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

भारत और इटली के बीच संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-2029 के तहत व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री की यह यात्रा यूरोप और पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *