नयी दिल्ली, 22 मई 2026 (यूएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिपरिषद की बैठक में मंत्रियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकारी कामकाज में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मंत्रियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता तक अधिकतम लाभ पहुंचाने पर फोकस रखने को कहा।
करीब चार घंटे चली मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हुए। इस वर्ष मंत्रिपरिषद की यह पहली बैठक थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि बैठक में लोगों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने, कारोबार सुगमता बढ़ाने और विकसित भारत के साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुधारों पर व्यापक चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य लेकर काम किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हमेशा आम लोगों के जीवन को सरल और बेहतर बनाना होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लोगों के जीवन में अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप कम होना चाहिए और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।
सूत्रों के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों से कहा कि अब अतीत के कार्यों में उलझने के बजाय भविष्य के लक्ष्यों और उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करने का समय है। उन्होंने कहा कि सरकार 2014 से लगातार काम कर रही है और अब 2026 में आगे की दिशा तय करने पर फोकस होना चाहिए।
बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री की हालिया संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली यात्राओं पर प्रस्तुति दी।
इसके अलावा कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन और नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न मंत्रालयों की उपलब्धियों, सुधार पहलों और जन-केंद्रित योजनाओं पर प्रस्तुति दी।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय हुई है जब हाल ही में पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को बड़ी सफलता मिली है तथा पुडुचेरी में भी पार्टी ने सत्ता में वापसी की है।
