पटना। बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बीच सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में अपना मुख्यमंत्री दिया है। राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
सम्राट चौधरी के साथ विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। दोनों नेताओं को जनता दल यूनाइटेड कोटे से डिप्टी सीएम बनाया गया है।
सर्वसम्मति से चुने गए नेता
इससे पहले भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) विधायक दल की बैठकों में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगी। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें मखाना की माला पहनाकर शुभकामनाएं दीं और समर्थन का संकेत दिया।
समारोह में दिग्गजों की मौजूदगी
शपथ ग्रहण समारोह में जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान समेत कई वरिष्ठ नेता और एनडीए के सहयोगी दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सम्राट चौधरी का बयान
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि भाजपा ने उन्हें सेवा के कई अवसर दिए हैं और वे करीब 30 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन और नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के संकल्प को साथ लेकर राज्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
डिप्टी सीएम का भरोसा
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि वे नीतीश कुमार के अनुभव और कार्यशैली से सीख लेकर आगे काम करेंगे, जबकि बिजेंद्र यादव ने कहा कि सभी मिलकर बेहतर शासन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर
1968 में जन्मे सम्राट चौधरी वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के पुत्र हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की और बाद में जनता दल यूनाइटेड होते हुए भाजपा में शामिल हुए। लंबे राजनीतिक अनुभव और विभिन्न दलों के साथ काम करने के बाद अब वे राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं।
राजनीतिक समीकरण में बदलाव
इस बार एनडीए सरकार में भाजपा “बड़े भाई” की भूमिका में है, जबकि जदयू को दो डिप्टी सीएम पद दिए गए हैं। इससे बिहार की राजनीति में नए संतुलन और समीकरण की झलक साफ दिखाई दे रही है।
नई सरकार के गठन के साथ ही अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह नेतृत्व राज्य के विकास और सुशासन को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।
