‘आहिस्ता जिंदगी’ कैफे खोलना चाहते हैं सेना प्रमुख, युवाओं से बोले- रील नहीं, शारीरिक गतिविधियों पर दें ध्यान

नई दिल्ली, 16 मई 2026। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को युवाओं के साथ अनौपचारिक संवाद के दौरान अपने जीवन से जुड़ा एक खास सपना साझा किया। सेना प्रमुख ने बताया कि वह भविष्य में ‘आहिस्ता जिंदगी’ नाम से एक कैफे खोलना चाहते हैं, जहां भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच लोगों को सुकून और विचार साझा करने का अवसर मिल सके।

मानेकशॉ केंद्र में आयोजित ‘सेना संवाद’ कार्यक्रम के दौरान जनरल द्विवेदी ने दिल्ली और आसपास के विभिन्न स्कूलों से आए छात्रों से बातचीत की। यह कार्यक्रम ‘यूनिफॉर्म अनवील्ड’ की ओर से आयोजित किया गया था।

संवाद के दौरान सेना प्रमुख ने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, कड़ी मेहनत करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार रील देखने की आदत पर भी चिंता जताई और कहा कि युवाओं को मोबाइल स्क्रीन के बजाय शारीरिक गतिविधियों और वास्तविक जीवन के अनुभवों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

अपने निजी सपने के बारे में बात करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि वह मध्य प्रदेश में ‘आहिस्ता जिंदगी’ नाम से एक कैफे स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास रुककर सोचने और खुद से संवाद करने का समय नहीं बचा है। उनका यह कैफे ऐसा स्थान होगा जहां लोग एक कप कॉफी के साथ सुकून के पल बिता सकेंगे और खुलकर बातचीत कर सकेंगे।

सेना प्रमुख ने कहा कि इस कैफे में मुफ्त परामर्श सेवा भी उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि लोग मानसिक और सामाजिक स्तर पर बेहतर दिशा प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा कि सेना में लंबे समय तक सेवा देने के बाद अब समाज को कुछ लौटाने का समय आ गया है। जनरल द्विवेदी ने यह भी बताया कि वह अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश में आदिवासी समुदायों के गांवों से पलायन रोकने की दिशा में भी काम करना चाहते हैं।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्रों को नेतृत्व, अनुशासन और देशसेवा के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया।

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