अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला, बोले- आरक्षण प्रणाली को कमजोर कर रही भाजपा

लखनऊ, 20 मई 2026 (यूएनएस)। अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा सरकार पर संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण लोगों को अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

इस दौरान सपा अध्यक्ष ने “पीडीए ऑडिट और आरक्षण की लूट” नामक दस्तावेज जारी किया। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट को आगे और अधिक आंकड़ों तथा तथ्यों के साथ लगातार अपडेट किया जाएगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि यदि छात्रों और अभ्यर्थियों को संविधान में मिले अधिकारों को लागू कराने के लिए अदालतों में जाना पड़ रहा है, तो यह सरकार की पक्षपातपूर्ण मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार पक्षपाती होती है, वह सामाजिक न्याय के प्रति ईमानदार नहीं हो सकती।

सपा प्रमुख ने कहा कि आरक्षण केवल एक व्यवस्था नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और समानता का माध्यम है। उन्होंने कहा, “आरक्षण सुरक्षा कवच है। यह सामाजिक समन्वय और लोकतंत्र को मजबूत करने का महत्वपूर्ण साधन भी है।”

उन्होंने भाजपा सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में बुलडोजर चलाना चाहती है, तो उसे समाज में मौजूद असमानता को खत्म करने और सभी वर्गों को उनका उचित आरक्षण देने के लिए उसका इस्तेमाल करना चाहिए।

अखिलेश यादव ने “लेटरल एंट्री” नियुक्तियों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए पिछड़े और वंचित वर्गों के आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी पसंद के लोगों को पिछले दरवाजे से महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कर रही है, ताकि आरक्षण की व्यवस्था धीरे-धीरे निष्प्रभावी हो जाए।

उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई दान नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार है। सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण आवश्यक है और लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने जून 2023 में “पीडीए” शब्द दिया था, जिसका अर्थ उन्होंने पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक बताया था।

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