लखनऊ,06 जून 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के छठवें दिन पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और चित्रकूट प्रवास का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने लखनऊ के लक्ष्मण टीला पर भगवान लक्ष्मण का भव्य मंदिर बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि न्यायालय का सम्मान करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं।
सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में आयोजित श्रीराम कथा में रामभद्राचार्य ने कहा कि चित्रकूट केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और लोकमंगल की पवित्र भूमि है। भगवान श्रीराम के वनवास काल की अनेक महत्वपूर्ण घटनाएं चित्रकूट से जुड़ी हुई हैं, इसलिए यह स्थान भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र है। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि यह धारणा सही नहीं है कि किसी एक प्रचलित श्लोक में संपूर्ण रामायण समाहित है। उन्होंने बताया कि हनुमानजी के आग्रह पर गोस्वामी तुलसीदास ने अयोध्याकांड के तृतीय मंगलाचरण नीलाम्बुजश्यामलकोमलांगम की रचना की थी, जिसमें संपूर्ण रामकथा का सार निहित है।
उन्होंने श्लोक की विस्तृत व्याख्या भी की। रामभद्राचार्य ने कहा कि लखनऊ वास्तव में लक्ष्मण नगरी है और गोमती तट पर आज भी भगवान लक्ष्मण का सान्निध्य अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण टीला पर भगवान लक्ष्मण का भव्यतम मंदिर बनकर रहेगा और उन्हें विश्वास है कि न्यायालय का निर्णय हिंदुओं के पक्ष में आएगा। उन्होंने कहा कि यदि अदालत चाहेगी तो वह स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे। इस अवसर पर उन्होंने जाग रहा गोमती तट उर्मिला बिहारी भजन सुनाया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया और आरती में सहभागिता की। कथा में नैमिषारण्य के पीठाधीश्वर स्वामी उपेन्द्रानंद सरस्वती, राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व सांसद अशोक बाजपेयी, विधायक डॉ. नीरज बोरा, हास्य कवि सर्वेश अस्थाना, समाजसेविका बिंदू बोरा और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीरामजी दास समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी डॉ. एस.के. गोपाल ने बताया कि रविवार को श्रीराम कथा के सातवें दिवस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना है। कथा प्रतिदिन शाम पांच बजे से आयोजित की जा रही है।
