यूपी रियल एस्टेट सेक्टर बना निवेश का नया केंद्र, आईसीसी समिट में इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास पर मंथन

लखनऊ, 21 मई 2026 (यूएनएस)। इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से लखनऊ स्थित ताज महल में “आईसीसी यूपी रियल एस्टेट समिट 2026” का आयोजन किया गया। समिट में नीति निर्माता, रियल एस्टेट डेवलपर्स, निवेशक, रेगुलेटरी संस्थाएं, शहरी योजनाकार और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के तेजी से बदलते रियल एस्टेट परिदृश्य और राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में इस सेक्टर की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।

सम्मेलन में इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास, उभरते शहरों में आवास की बढ़ती मांग, तकनीकी नवाचार, रेगुलेटरी सुधार और कमर्शियल व को-वर्किंग स्पेस के भविष्य जैसे विषय प्रमुख केंद्र में रहे। विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल एनसीआर तक सीमित बाजार नहीं रह गया है, बल्कि राज्य के कई शहर तेजी से निवेश और शहरी विकास के नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के डायरेक्टर जनरल डॉ. राजीव सिंह के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद यूपी रेरा के चेयरमैन संजय आर. भूसरेड्डी ने थीम एड्रेस दिया। एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन और फाउंडर अनुज पुरी ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किया, जबकि मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

चार प्रमुख सत्रों में हुई विस्तृत चर्चा

समिट के दौरान चार विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर के भविष्य और संभावनाओं पर मंथन हुआ।

पहले सत्र में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और नीति सुधारों के जरिए उत्तर प्रदेश को बड़े निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति पर चर्चा की गई।

दूसरे सत्र में टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ती हाउसिंग डिमांड, पीएमएवाई आधारित विकास, रेरा की पारदर्शिता और नई आवासीय योजनाओं पर विचार साझा किए गए।

तीसरे सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रॉपटेक, डिजिटल लैंड रिकॉर्ड, जीआईएस, बीआईएम और स्मार्ट बिल्डिंग जैसी तकनीकों से रियल एस्टेट सेक्टर में आ रहे बदलावों पर चर्चा हुई।

चौथे सत्र में हाइब्रिड वर्क कल्चर, एआई आधारित ऑफिस सिस्टम, ईएसजी मॉडल और कम्युनिटी बेस्ड को-वर्किंग स्पेस की बढ़ती मांग को लेकर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

“उत्तर प्रदेश अब मल्टी-सिटी ग्रोथ मॉडल की ओर”

आईसीसी के डायरेक्टर जनरल डॉ. राजीव सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास अब केवल एनसीआर तक सीमित नहीं है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से कई नए शहर और कस्बे विकास के केंद्र बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बेहतर गवर्नेंस, निवेशकों के बढ़ते भरोसे और नीति स्थिरता की वजह से राज्य का रियल एस्टेट सेक्टर अब अधिक स्थिर और विकास केंद्रित चरण में पहुंच चुका है।

रियल एस्टेट विशेषज्ञ डॉ. बलकार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब इंटीग्रेटेड टाउनशिप, इंडस्ट्रियल क्लस्टर और शहरी विस्तार के जरिए संतुलित विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट, रीजनल कैपिटल जोन और नए कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट राज्य को नए शहरी विकास दौर में ले जाएंगे।

“यूपी रियल एस्टेट सेक्टर मजबूत विकास के दौर में”

यूपी रेरा चेयरमैन संजय आर. भूसरेड्डी ने कहा कि 2023 के बाद बाजार में आई तेजी ने उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को नई मजबूती दी है। उन्होंने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में प्रॉपर्टी कीमतों में अच्छी वृद्धि और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि यूपी रेरा देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट इकोसिस्टम में से एक की निगरानी कर रहा है, जहां 3,000 से अधिक प्रोजेक्ट पंजीकृत हैं। केवल वर्ष 2025 में ही करीब 85 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए, जिसे भविष्य में 1.25 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

समिट में मौजूद विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का विकास केवल हाउसिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल, टेक्नोलॉजी और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर को साथ लेकर इंटीग्रेटेड अर्बन इकोसिस्टम विकसित किए जाएंगे।

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