लखनऊ, 18 मई 2026 (यूएनएस)। 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सड़क पर लेटकर और रेंगते हुए मंत्री आवास तक पहुंचे। अभ्यर्थियों का कहना था कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है और अब उनकी हालत “कीड़े-मकौड़ों” जैसी हो गई है।
भीषण गर्मी के बीच हुए इस प्रदर्शन में कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भर्ती प्रक्रिया में न्याय की मांग उठाई।
बनारस से आए अभ्यर्थी कैलाश नाथ मौर्य ने कहा कि वे अब पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में फैसला आने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिली और अब सरकार से भी उम्मीद खत्म होती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो अभ्यर्थी सामूहिक आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
सड़क पर रेंगते हुए पहुंचे अभ्यर्थी, बोले- “सरकार की नजर में हम कीड़े-मकौड़े बन चुके हैं”
जौनपुर से आए नवलेश ने रोते हुए कहा कि वे वर्षों से न्याय के लिए लखनऊ और दिल्ली के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे जान देने को मजबूर होंगे।
देवरिया से आए धनंजय गुप्ता ने कहा कि अभ्यर्थी मंत्री को यह दिखाने आए हैं कि सरकार में पिछड़े और दलित वर्ग के युवाओं की स्थिति कितनी दयनीय हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में कई तारीखें लगने के बावजूद सरकारी अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ, जिससे अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है।
प्रदर्शन को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अभ्यर्थियों का वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार पर आरक्षण और पिछड़े वर्ग की अनदेखी का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों का कहना है कि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में सरकार की ओर से अधिवक्ता उपस्थित रहेगा।
