Read Now News Read Now News Hindi Samachar
E-Magazine Admin

फिरोजाबाद के जे.एस. विश्वविद्यालय के परिसमापन पर उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

लखनऊ, छह जनवरी । उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने फर्जी डिग्रियों के वितरण और अन्य आरोपों के मद्देनजर फिरोजाबाद स्थित जे.एस. विश्वविद्यालय को बंद करने (परिसमापन) के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस निजी विश्वविद्यालय में लगभग चार हजार छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। इनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए आगरा स्थित डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में एक त्रिस्तरीय अंतरिम समिति गठित की गई है। यह समिति परिसमापन की अवधि में विश्वविद्यालय की गतिविधियों का संचालन करेगी।

जे.एस. विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2015 में हुई थी। पिछले साल सामने आया था कि राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक परीक्षा 2022 में इस विश्वविद्यालय से पढ़े अभ्यर्थियों की बीपीएड डिग्री और अंकपत्र फर्जी पाए गए थे। इस मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र को गिरफ्तार किया गया था।

मंत्रिमंडल ने पुष्टि की कि विश्वविद्यालय ने उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन किया। इनमें डिग्री प्रदान करने की शक्ति का दुरुपयोग, फर्जी अंकतालिकाओं एवं डिग्रियों का वितरण, आवश्यक भूमि मानक का पालन न करना और उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद को अनिवार्य विवरण उपलब्ध न कराना शामिल है।

उपाध्याय ने बताया कि अब जे.एस. विश्वविद्यालय के सभी अभिलेख आगरा के डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के संरक्षण में रखे जाएंगे। इन दस्तावेजों के आधार पर जारी अंकपत्र और डिग्रियों को आगरा विश्वविद्यालय प्रमाणित करेगा।

इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने मेरठ स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय को नोएडा में अपना शैक्षणिक केंद्र खोलने के लिए प्राधिकरण पत्र देने को भी मंजूरी दी। नियमानुसार यदि कोई विश्वविद्यालय पांच साल तक अपना संचालन करता है और किसी अन्य स्थान पर केंद्र खोलना चाहता है, तो अर्हता पूरी होने पर उसे यह अनुमति दी जाती है।

इस फैसले के साथ राज्य सरकार ने फर्जी डिग्री वितरण और उच्च शिक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने का संदेश दिया है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *