8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे योगी, देशभर में मिलेगा कैशलेस इलाज

8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे योगी, देशभर में मिलेगा कैशलेस इलाज

लखनऊ, 03 जुलाई 2026 (यूएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवारों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तर्ज पर देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस योजना की घोषणा शिक्षक दिवस के अवसर पर की थी।

स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया कि योजना के प्रभावी और पारदर्शी संचालन के लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण, सत्यापन और अनुमोदन के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है।

उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के लिए विकसित पोर्टल पर अब तक 7,89,032 लाभार्थी अपना विवरण दर्ज करा चुके हैं। लाभार्थियों के आवेदन का सत्यापन संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) करेंगे, जबकि अंतिम अनुमोदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) द्वारा दिया जाएगा। अनुमोदन के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के बेनिफिशरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (बीआईएस) पोर्टल से जोड़ा जाएगा। आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी होने के बाद शिक्षक अपना डिजिटल कार्ड डाउनलोड कर योजना का लाभ ले सकेंगे।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों के लिए भी 3 जुलाई से डेटा संग्रह पोर्टल शुरू कर दिया गया है। इस पोर्टल पर शिक्षक अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे, जिसका सत्यापन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य करेंगे। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अंतिम अनुमोदन प्रदान करेंगे। अनुमोदन के बाद डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजा जाएगा और ई-केवाईसी पूरी होने पर लाभार्थी अपना डिजिटल कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

साचीज की सीईओ ने बताया कि योजना के तहत शिक्षकों और उनके आश्रितों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत उपलब्ध सभी स्वास्थ्य सुविधाएं और उपचार का लाभ मिलेगा। लाभार्थी देशभर में आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे, जिससे गंभीर बीमारियों के उपचार पर आने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा।

योगी सरकार योजना के दायरे का विस्तार करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। जल्द ही उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी अलग डेटा संग्रह पोर्टल शुरू किया जाएगा, ताकि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कार्मिक भी इस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

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