लखनऊ, 17 जून (यूएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने में जुट गई है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद 25 जून से विद्यालय खुलने से पहले प्रदेशभर में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ताकि बच्चों को पहले ही दिन से गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
सरकार ने खाद्यान्न की उपलब्धता, रसोईघरों की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और भोजन निर्माण से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ पौष्टिक और सुरक्षित भोजन मिले। उन्होंने कहा कि पीएम पोषण योजना बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की मजबूत आधारशिला है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सरकार ने विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुरूप खाद्यान्न, दाल, सब्जियां, तेल, आयोडीन युक्त नमक, मसाले और अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसकी समाप्ति तिथि की अनिवार्य जांच भी कराई जाएगी। खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण और सुव्यवस्थित रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विद्यालयों के रसोईघरों और भोजन परोसने वाले स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। रसोईघर के भीतर और बाहर जालों की सफाई, परिसर में उगी घास की कटाई तथा भोजन निर्माण क्षेत्र को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल स्रोतों और हैंडपंपों के आसपास भी विशेष स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
भोजन निर्माण प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए सभी विद्यालयों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की जाएगी। रसोइयों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। गैस सिलेंडर, रेगुलेटर, बर्नर और अन्य उपकरणों की नियमित जांच कर खराब उपकरणों को तत्काल बदलने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकार ने विद्यालयों में विकसित किचन गार्डन को पुनर्जीवित करने और आवश्यकता पड़ने पर नए किचन गार्डन तैयार करने पर भी बल दिया है। इससे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजी सब्जियों का उपयोग बढ़ेगा और बच्चों को अधिक पौष्टिक भोजन मिल सकेगा। साथ ही ‘तिथि भोजन’ कार्यक्रम के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने की भी योजना है, जिससे समाज को बच्चों के पोषण अभियान से जोड़ा जा सके।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पीएम पोषण योजना की सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि विद्यालय खुलने के पहले दिन से ही बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सरकार का मानना है कि पीएम पोषण योजना केवल भोजन वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य सुधार, पोषण स्तर बढ़ाने, विद्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित करने और उनकी सीखने की क्षमता को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। यही वजह है कि इस योजना के प्रत्येक पहलू की गहन निगरानी की जा रही है, ताकि प्रदेश के लाखों बच्चों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
