लखनऊ, 30 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश में आवासीय विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने के लिए उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4173.66 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। इस बजट में जमीन खरीद, नई आवासीय योजनाओं और शहरी विस्तार पर विशेष फोकस रखा गया है, जिससे प्रदेश के कई शहरों का स्वरूप बदलने की तैयारी है।
बोर्ड बैठक में अयोध्या को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। यहां विकास परियोजनाओं के लिए 1037.89 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि कुल 1927.15 करोड़ रुपये भूमि अर्जन के लिए निर्धारित किए गए हैं। परिषद को उम्मीद है कि इस वित्तीय वर्ष में 4173.65 करोड़ रुपये की आय होगी, जिसमें से 2004.66 करोड़ रुपये संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त होंगे।
वाराणसी और मऊ में बड़ी योजनाएं
बैठक में वाराणसी की जीटी रोड बाईपास योजना को मंजूरी दी गई, जिसके तहत 4.6870 हेक्टेयर भूमि अर्जित की जाएगी। इसके अलावा काशीद्वार योजना के तहत 10 गांवों की जमीन खरीदने पर सहमति बनी है, जिस पर करीब 3141 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
वहीं मऊ जिले में गोरखपुर मार्ग योजना के लिए पांच गांवों की जमीन खरीदने का प्रस्ताव पास किया गया है, जिस पर लगभग 1391 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
जमीन और फ्लैट की कीमतों में बदलाव
परिषद ने लखनऊ की विकसित कॉलोनियों जैसे वृंदावन और अवध विहार में जमीन की कीमतों को डीएम सर्किल रेट के बराबर करने की तैयारी की है। वहीं विकासाधीन योजनाओं में हर साल 8.7 प्रतिशत की दर से कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव है।
करीब 2000 खाली फ्लैट्स की बिक्री बढ़ाने के लिए कीमतों में कमी करने की भी योजना बनाई जा रही है। फिलहाल महंगे फ्लैट्स पर 10 से 15 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।
लापरवाही पर कड़ा एक्शन
बैठक में भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए रिटायर्ड अभियंता गौतम कुमार की पेंशन में 10 प्रतिशत और डीएस गुप्ता की पेंशन में 5 प्रतिशत की आजीवन कटौती का निर्णय लिया गया।
अन्य अहम फैसले
गाजियाबाद में हिंडन नदी पर 51 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव पास हुआ, जो वसुंधरा और सिद्धार्थ विहार को जोड़ेगा। इसके अलावा मेट्रो परियोजना के लिए 20 करोड़ रुपये देने की मंजूरी भी दी गई है।
परिषद ने बस्ती, प्रयागराज, सहारनपुर और संतकबीरनगर समेत कई जिलों में नई योजनाओं का प्रस्ताव रखा है, हालांकि इन पर अंतिम निर्णय से पहले विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
कुल मिलाकर, यह बजट उत्तर प्रदेश में शहरी विकास, आवासीय विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
