लखनऊ, 21 जुलाई 2026। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए शासन ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से जारी पत्र के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर प्रदेश के 1,42,818 शिक्षकों पर पड़ेगा। इनमें 64,062 प्राथमिक स्तर के शिक्षक, 76,256 उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षक और 2,500 विशेष शिक्षक शामिल हैं। इन सभी शिक्षकों को विशेष TET के माध्यम से पात्रता सुनिश्चित करने का अवसर दिया जाएगा।
आयोग से मांगी गई कार्ययोजना
शासन द्वारा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विशेष TET आयोजित कराने के लिए परीक्षा की रूपरेखा, समय-सीमा, प्रक्रिया और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तृत प्रस्ताव जल्द तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि आगे की कार्रवाई समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सके।
यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब देशभर के प्रभावित शिक्षक लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संसद के मानसून सत्र में भी शिक्षकों से जुड़े इस विषय पर सरकार से राहत देने की मांग उठाई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सक्रियता
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्यों में कार्यरत उन शिक्षकों की पात्रता को लेकर प्रश्न खड़े हुए हैं, जिन्होंने नियुक्ति के समय TET उत्तीर्ण नहीं किया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए विशेष TET आयोजित कराने का फैसला लिया है, ताकि वे निर्धारित पात्रता पूरी कर सकें और उनकी सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
दंपती शिक्षकों को राहत, आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी
इसी बीच परिषदीय शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादलों को लेकर भी बेसिक शिक्षा विभाग ने राहत दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्देशों के अनुपालन में दंपती शिक्षकों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी गई है।
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि शासनादेश से आच्छादित पात्र शिक्षक-शिक्षिकाओं को आवेदन के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर सूचना जारी करने तथा सभी जिलों में शिक्षकों को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आवेदन से वंचित रह गए थे कई शिक्षक
विभाग के अनुसार, दंपती शिक्षकों के तबादलों से जुड़े कुछ प्रावधानों को लेकर भ्रम की स्थिति बनने के कारण कई पात्र शिक्षक समय पर आवेदन नहीं कर सके थे। इसी कारण हाईकोर्ट के निर्देश के बाद आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, ताकि कोई भी पात्र शिक्षक इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
विशेष TET और तबादला प्रक्रिया से जुड़े इन दोनों फैसलों को प्रदेश के शिक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर अंतरजनपदीय तबादलों में पात्र शिक्षकों को राहत देने की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं।