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पुलिस हिरासत से रिहा हुए राहुल, प्रियंका और अखिलेश; बोले- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा, छात्रों की मांगों पर हो चर्चा

नई दिल्ली। लोक कल्याण मार्ग पर छात्रों के मुद्दों को लेकर हुए विपक्ष के प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया। हिरासत के दौरान कुछ नेताओं को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन और छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया था, जहां से बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

रिहाई के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों की आवाज़ को सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र एक वास्तविक मुद्दे को लेकर विरोध कर रहे हैं और विपक्ष का दायित्व है कि वह उनके साथ खड़ा रहे। प्रियंका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ गलत व्यवहार हुआ और कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, इस पूरे मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जाए और छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाए।

वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगें स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के साथ अन्याय हुआ है और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाएगी।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष चर्चा चाहता है, लेकिन सरकार इससे बच रही है। उनका कहना था कि कांग्रेस ने संसद में चर्चा के लिए नोटिस दिया है, फिर भी सरकार सकारात्मक रुख नहीं अपना रही।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही परीक्षाओं में गड़बड़ियों ने युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। हुड्डा ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की आलोचना की।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने विपक्ष के नेताओं को हिरासत में लेने की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अन्य नेता युवाओं के हितों की लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन उन्हें बलपूर्वक हटाया गया। पायलट ने कहा कि विपक्ष छात्रों के अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगा।

विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया है कि वे शिक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संसद से लेकर सड़क तक घेरते रहेंगे। वहीं, सरकार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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