बरेली, तीन फरवरी । उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शब-ए-बारात, महाशिवरात्रि और होली जैसे आगामी त्योहारों के दौरान माहौल बिगाड़ने की आशंका को लेकर खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि खुफिया तंत्र से प्राप्त सूचनाओं के मद्देनजर जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सुरक्षा की दृष्टि से अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना पुख्ता पहचान पत्र के होटल, सराय या साइबर कैफे में ठहरने या प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा सार्वजनिक या निजी संपत्ति पर बिना अनुमति पोस्टर चिपकाने या लिखने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में कहा गया है कि जिले के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। धरना-प्रदर्शन या जुलूस निकालने के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व में लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
निषेधाज्ञा के तहत कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक मार्गों पर लाठी, डंडा, तलवार, चाकू या किसी अन्य प्रकार का धारदार हथियार लेकर नहीं चल सकेगा। केवल ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी और सहारे के लिए डंडा रखने वाले बुजुर्गों को इससे छूट दी गई है।
इसके साथ ही किसी भी घर या दुकान में तेजाब, ईंट-पत्थर या विस्फोटक सामग्री जमा करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने वालों, भड़काऊ पोस्टर छापने या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ प्रशासन कोई नरमी नहीं बरतेगा।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने या अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
