लखनऊ, तीन फरवरी । समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर सभी जिलों में फॉर्म-7 के जरिए पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय के मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाने की योजना बनाई है।
सपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान यह योजना बनाई गई। उन्होंने बताया कि फॉर्म-7 का इस्तेमाल आमतौर पर मृत्यु, स्थान परिवर्तन या नामांकन में आपत्ति दर्ज करने के लिए किया जाता है, लेकिन इसे बड़े पैमाने पर मतदाता हटाने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है।
यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे आईएएस अधिकारी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों पर पीडीए मतदाताओं के नाम काटने का दबाव बना रहे हैं, और इस प्रक्रिया में बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) भी हताश और निराश हैं।
उन्होंने कहा कि सपा ने इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत की और निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत भी दी। यादव ने जमा किए गए सभी फॉर्म-7 को निरस्त करने, उनके सत्यापन की वैकल्पिक व्यवस्था करने और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
सपा प्रमुख ने उदाहरण देते हुए बताया कि सीतापुर में जानबूझकर मुस्लिम मतदाता के फर्जी दस्तखत वाले फॉर्म-7 जमा किए गए, जबकि कन्नौज में 1,200 मुस्लिम मतदाताओं के नाम कटे हैं। यादव ने दावा किया कि यह धांधली पूरे उत्तर प्रदेश में, विशेषकर उन विधानसभा क्षेत्रों में हो रही है जहां भाजपा पिछली बार हारी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि पीडीए और मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटने की यह साजिश गंभीर लोकतांत्रिक संकट को जन्म दे रही है और इसका तुरंत संज्ञान लिया जाना चाहिए।
