केंद्रीय बजट 2026-27 से विकसित भारत के संकल्प को नई गति : स्वतंत्र देव सिंह

अलीगढ़ सर्किट हाउस सभागार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ आयोजित प्रेस वार्ता करते उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह

सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी और विकासोन्मुखी बजट से होगा चहुंमुखी विकास

अलीगढ़, 7 फरवरी- उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक दूरदर्शी, सर्वसमावेशी और जनकल्याणकारी बजट है, जो देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर तेज़ी से आगे ले जाएगा।

श्री सिंह ने अलीगढ़ सर्किट हाउस सभागार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि यह बजट केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस नीतियों के माध्यम से ज़मीन पर परिणाम देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प को मजबूती प्रदान करता है।

उन्होंने बताया कि बजट में ग्रामीण भारत के उत्थान को विशेष प्राथमिकता दी गई है। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत खादी, हस्तकला, ओडीओपी, कौशल विकास और ब्रांडिंग को वैश्विक बाजार से जोड़कर गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। पशुपालन और कृषि आधारित योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने की ठोस व्यवस्था की गई है।

शहरी विकास के क्षेत्र में टियर-2 और टियर-3 शहरों को नए विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर परिवहन व्यवस्था और उच्च-गति रेल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए सस्ती वित्तीय सहायता, ऋण गारंटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर व्यापार को सरल बनाया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त आधार

जल शक्ति मंत्री ने कहा कि कैंसर उपचार में प्रयुक्त 17 जीवनरक्षक दवाओं को कस्टम ड्यूटी से मुक्त कर आमजन को बड़ी राहत दी गई है। इसके साथ ही जिला स्तर पर आधुनिक इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

युवा, शिक्षा और रोजगार पर फोकस

श्री सिंह ने कहा कि बजट युवा भारत की ऊर्जा और उद्यमिता का रोडमैप है। शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रिएटिव लैब की स्थापना से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी और रचनात्मक कौशल से जोड़ा जाएगा। एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष फंड सृजित कर युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

नारी शक्ति विकास की धुरी

उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा की प्रमुख शक्ति हैं। प्रत्येक जिले में बालिका छात्रावास की स्थापना और ‘लखपति दीदी योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। महिला उद्यमियों के लिए विशेष स्टार्टअप और लघु उद्योगों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति

श्री सिंह ने बताया कि कृषि मंत्रालय के लिए 1.40 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से आधुनिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। पारंपरिक फसलों के साथ-साथ बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा 500 नए अमृत सरोवरों के निर्माण से जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधार को बल मिलेगा।

औद्योगिक और अधोसंरचना विकास

उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ की अवधारणा को और गति दी गई है। सेमीकंडक्टर, मेडिकल कॉलेज और केमिकल सेक्टर में बड़े निवेश से भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी। नोएडा में सेमीकंडक्टर पार्क के विकास से उत्तर प्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि देश में स्थापित एमएसएमई इकाइयों में सर्वाधिक 96 लाख इकाइयां उत्तर प्रदेश में हैं।

2047 का विज़न

जल शक्ति मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक सेवा क्षेत्र में भारत की वैश्विक भागीदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इसके लिए बजट में युवाओं, नवाचार, उद्यमिता और कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक बजट है।

इस अवसर पर सांसद सतीश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह, विधायक इगलास राजकुमार सहयोगी, विधायक कोल अनिल पाराशर, विधायक छर्रा रवीन्द्रपाल सिंह, एमएलसी डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह, चौ. ऋषिपाल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *