भारत भूषण तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर प्रकरण पर श्रद्धांजलि सभा, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठी मांग

अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के तत्वावधान में भारत भूषण तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर प्रकरण पर श्रद्धांजलि सभा

अयोध्या, 28 जून 2026 (यूएनएस)। बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भारत भूषण तिवारी की 17 जून को कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के विरोध में रविवार को अयोध्या के भीखापुर क्षेत्र में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक और बौद्धिक वर्ग के लोग शामिल हुए। सभा के दौरान वक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग उठाई।

सामाजिक कार्यकर्ता सचिन तिवारी के नेतृत्व में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने भारत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में कथित फर्जी मुठभेड़ों की घटनाओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है और ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच सुनिश्चित होनी चाहिए।

सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि किसी भी नागरिक की मृत्यु यदि पुलिस कार्रवाई में होती है तो उसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कानून के शासन में प्रत्येक कार्रवाई न्यायिक कसौटी पर परखी जानी चाहिए।

कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’, वरिष्ठ भाजपा नेता जितेंद्र दुबे, मिंटू प्रधान, सत्यदेव मिश्रा, अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के जिलाध्यक्ष आचार्य राकेश पांडेय, कुलदीप पांडेय, पिंटू तिवारी, अनिल पांडे, इंजीनियर उमाशंकर पांडे, राहुल पांडे, ज्ञानेंद्र शुक्ला, गगन आचारी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

सभा के दौरान पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने भाजपा और उसकी सहयोगी सरकारों की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। वहीं अन्य वक्ताओं ने भी कथित फर्जी मुठभेड़ों की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

सभा में पारित प्रस्ताव के माध्यम से मांग की गई कि भारत भूषण तिवारी की मौत की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में पुलिस अधिकारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने भारत भूषण तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।

हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पुलिस एजेंसियों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारियों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *