पर्वतीय समाज ने भारत को दी आध्यात्म, योग और शौर्य की अनुपम विरासत: डॉ. राजेश्वर सिंह

उत्तरायणी कौथिग मेला को मिलेगा नया वैभव, ₹7.5 लाख देने की घोषणा
रजत जयंती वर्ष में भव्य आयोजन, पर्वतीय संस्कृति को मिलेगा नया संबल

लखनऊ, 24 जनवरी — सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पर्वतीय समाज देवभूमि और तपोभूमि की जीवंत पहचान है, जिसने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को आध्यात्म, योग और शौर्य की अद्वितीय विरासत प्रदान की है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय संस्कृति भारत की आत्मा का अभिन्न हिस्सा है और इसका संरक्षण राष्ट्रीय दायित्व है।

डॉ. राजेश्वर सिंह शनिवार को बीरबल साहनी मार्ग स्थित गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित 15 दिवसीय पौराणिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक उत्तरायणी कौथिग मेला–2026 के 25वें रजत जयंती वर्ष समारोह को संबोधित कर रहे थे।

अपने संबोधन में उन्होंने पर्वतीय समाज के सैन्य योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि इस समाज ने देश की रक्षा में अद्वितीय शौर्य और बलिदान का परिचय दिया है। उन्होंने परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमदत्त शर्मा, परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह, देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वीर सपूतों ने भारत के गौरव को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई है।

डॉ. सिंह ने कहा कि आज लखनऊ ‘ईज़ ऑफ लिविंग’, ‘हैप्पीनेस इंडेक्स’ और ‘क्वालिटी ऑफ लाइफ इंडेक्स’ में देश के शीर्ष पांच शहरों में शामिल हो चुका है। उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में स्थापित शिवरी वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में प्रतिदिन लगभग 2100 मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है, जो स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों के पीछे पर्वतीय समाज से आने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व तथा पर्वतीय समाज की प्रतिनिधि और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल के निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उत्तरायणी कौथिग मेले के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन संस्कृति, परंपरा, लोककला और हस्तशिल्प को संरक्षित करने के साथ-साथ समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी कौथिग मेला केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि पर्वतीय समाज की पहचान और विरासत का उत्सव है।

उन्होंने रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मेले के भव्य आयोजन के लिए पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। डॉ. सिंह ने घोषणा की कि गत वर्ष मेले के लिए ₹5 लाख की सहायता प्रदान की गई थी, जबकि इस वर्ष मेले को और अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए ₹7.5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, गणेश चंद्र जोशी, महेंद्र सिंह रावत, के.एन. चंदोला, नरेंद्र सिंह, गोवर्धन भट्ट, जानकी अधिकारी, चित्रा कांडपाल, बी.डी. जोशी, लक्ष्मण सिंह धामी, पुष्कर नयाल, के.एन. पांडेय, एन.के. उपाध्याय, सुमन रावत, गोविंद बोरा, बीना रावत सहित पर्वतीय समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *