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लोकमाता अहिल्याबाई के आदर्श आज भी सुशासन और लोकहित की प्रेरणा देते हैं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 31 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए जनकल्याणकारी और अनुकरणीय कार्य आज भी समाज को सुशासन, लोकहित और जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि देशभर में मंदिरों, घाटों और विभिन्न धर्मस्थलों के पुनर्निर्माण के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आदर्श शासन व्यवस्था स्थापित करने वाली लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की महान विभूति हैं।

उन्होंने कहा, “लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। प्रजा के हित को सर्वोपरि रखते हुए विकास, धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी हमें सुशासन और लोकहित के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।”

इस अवसर पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अहिल्याबाई होल्कर देश की न्यायप्रिय, धर्मनिरपेक्ष और लोककल्याणकारी शासकों में अग्रणी स्थान रखती हैं।

मायावती ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने अपने आदर्शों, सेवा-भाव और जनहितकारी कार्यों से समाज को नई दिशा प्रदान की। उनका जीवन नारी शक्ति, सुशासन, सामाजिक समरसता और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अनुयायियों और शुभचिंतकों को जयंती की शुभकामनाएं भी दीं।

उल्लेखनीय है कि अठारहवीं शताब्दी में मालवा की शासक रहीं Ahilyabai Holkar को उनके कुशल प्रशासन, जनकल्याणकारी नीतियों, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में योगदान के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। उन्होंने काशी, सोमनाथ, गया और अन्य अनेक तीर्थस्थलों के विकास एवं पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके योगदान को स्मरण किया गया।

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