लखनऊ, 11 फरवरी (RNN) — उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा में प्रस्तुत बजट में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि जनसामान्य को सुरक्षा प्रदान करना और बदलती चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
खन्ना ने बजट भाषण में बताया कि पुलिस विभाग के गैर-आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 1,374 करोड़ रुपये तथा आवासीय भवनों के लिए 1,243 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, अग्निशमन केंद्रों के लिए 200 करोड़ रुपये तथा नवसृजित जिलों में पुलिस के आवासीय एवं गैर-आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 346 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक पुलिस विभाग में 1,83,766 पुरुष और 35,443 महिलाओं सहित कुल 2,19,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गई है, जबकि 1,58,000 कार्मिकों को पदोन्नति दी गई है। वर्तमान में 60,244 आरक्षियों का प्रशिक्षण चल रहा है और अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है।
वित्त मंत्री के अनुसार वर्ष 2016 की तुलना में डकैती में 89 प्रतिशत, लूट में 85 प्रतिशत, हत्या में 47 प्रतिशत, बलवा में 70 प्रतिशत और फिरौती के लिए अपहरण में 62 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी कमी का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि हत्या, दहेज मृत्यु, बलात्कार और शील भंग के मामलों में क्रमशः 48 प्रतिशत, 19 प्रतिशत, 67 प्रतिशत और 34 प्रतिशत की गिरावट आई है।
महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में खन्ना ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बीसी सखियों द्वारा 39,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया गया, जिससे लगभग 107 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित हुआ। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट कर्मियों के क्षेत्र भ्रमण के लिए वाहन खरीदने हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि ‘सेफ सिटी’ परियोजना के अंतर्गत महिला पुलिस बीट, व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी रोमियो स्क्वॉड की तैनाती से सार्वजनिक एवं कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जनवरी 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं। इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि महिला एवं बाल विकास योजनाओं के लिए बजट में लगभग 18,620 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों से प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
