लखनऊ नगर निगम की स्वच्छता सफलता पर राष्ट्रीय नजर बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित मॉनिटरिंग कमेटी का दो दिवसीय दौरा आज से
लखनऊ। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में लखनऊ नगर निगम ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित कर दिया है। शिवरी सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट अब देश-विदेश से आने वाले प्रशासनिक अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और शहरी नियोजन से जुड़े संस्थानों के लिए अध्ययन, निरीक्षण और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
इसी क्रम में बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित मॉनिटरिंग कमेटी का दो दिवसीय दौरा 5 और 6 फरवरी को लखनऊ में प्रस्तावित है। यह कमेटी लखनऊ नगर निगम की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था, विशेषकर शिवरी सॉलिड वेस्ट प्लांट की कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन करेगी।
कमेटी में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, आईआईटी बॉम्बे के वैज्ञानिक और परामर्शदाता शामिल हैं, जो देश के विभिन्न शहरों में लागू स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट परियोजनाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं।
दौरे के पहले दिन कमेटी का आगमन स्मार्ट सिटी कार्यालय में होगा, जहां नगर निगम द्वारा शहर में लागू ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। इस दौरान कचरा संग्रहण, स्रोत पर पृथक्करण, प्रसंस्करण और पर्यावरणीय अनुपालन से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा होगी।
दूसरे दिन कमेटी शिवरी सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और लैंडफिल साइट का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेगी, जहां कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, रिसाइक्लिंग और आधुनिक तकनीकों के उपयोग का आकलन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि शिवरी साइट पर वर्षों से जमा 18.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक लेगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण कर लखनऊ को जीरो नेट वेस्ट सिटी के रूप में स्थापित किया गया है। इसी उपलब्धि के चलते अब देश के विभिन्न राज्यों के अधिकारी और विशेषज्ञ लखनऊ मॉडल को अपनाने के उद्देश्य से यहां अध्ययन दौरे पर आ रहे हैं।
नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि यह उपलब्धि न केवल लखनऊ की स्वच्छता व्यवस्था को नई पहचान देती है, बल्कि देश के अन्य शहरी निकायों के लिए भी एक व्यवहारिक और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करती है।
