लखनऊ, 16 जून (यूएनएस)। 27 दिनों के ग्रीष्मावकाश के बाद मंगलवार को प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में फिर से चहल-पहल लौट आई। लंबे अवकाश के बाद स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं का शिक्षकों ने तिलक लगाकर स्वागत किया। कई विद्यालयों में बच्चों की आरती उतारी गई और उन्हें उपहार देकर अभिनंदन किया गया, जिससे विद्यालयों का माहौल उत्सव जैसा नजर आया।
स्कूल खुलने के पहले दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति सामान्य दिनों की अपेक्षा कुछ कम रही, लेकिन जो बच्चे पहुंचे वे अपने सहपाठियों और शिक्षकों से मिलकर काफी उत्साहित दिखाई दिए। विद्यालय परिसर बच्चों की किलकारियों से एक बार फिर गुलजार हो उठा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालय खुलने के पहले दिन को विशेष उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत शिक्षकों को बच्चों और उनके अभिभावकों का आत्मीय स्वागत करने तथा विद्यालय में सकारात्मक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण बनाने को कहा गया था। विभाग का उद्देश्य लंबे अवकाश के बाद लौटे बच्चों को सहज माहौल प्रदान कर उन्हें पुनः पढ़ाई से जोड़ना है।
पहले दिन प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को नई कक्षा, पाठ्यक्रम, विद्यालय की गतिविधियों और शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें नियमित उपस्थिति, अनुशासन और अध्ययन के प्रति प्रेरित किया गया।
विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य के साथ खेलकूद गतिविधियां, पुस्तकालय संचालन, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य सह-शैक्षणिक कार्यक्रमों का भी शुभारंभ हो गया। विभाग ने सभी विद्यालयों को साफ-सफाई, छात्र उपस्थिति, नामांकन सत्यापन तथा शिक्षण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों में पेयजल, बिजली और स्वच्छ शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। छात्राओं और दिव्यांग बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ-साथ ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत चल रहे कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
