लखनऊ। राजधानी लखनऊ का सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र अब विकास और जनभागीदारी का एक नया मॉडल बनकर उभर रहा है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र में चल रही पहलें जनसेवा, सहभागिता और सशक्तिकरण की मिसाल पेश कर रही हैं।
सरोजनीनगर को अब केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि एक “परिवार” के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ विकास का पैमाना सिर्फ भौतिक सुविधाएं नहीं, बल्कि लोगों के बीच विश्वास और जुड़ाव भी है।
क्षेत्र में संचालित तारा शक्ति रसोई जरूरतमंदों के लिए सहारा बनी हुई है। यहां प्रतिदिन हजारों लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल खासकर अस्पतालों के बाहर मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत का माध्यम बनी है।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चल रहे तारा शक्ति केंद्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इन केंद्रों में पर्यावरण मित्र बैग, झंडे और तिरंगे तैयार किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है।
युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए स्थापित रणबहादुर सिंह युवा डिजिटल केंद्र भी चर्चा में हैं। यहां सैकड़ों युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने और आम नागरिकों की मदद करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
इसके अलावा “आपका विधायक आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत लगातार गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और मौके पर समाधान किया जा रहा है। इस पहल ने जनप्रतिनिधि और जनता के बीच की दूरी को काफी हद तक कम किया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक पहल के रूप में श्री राम रथ श्रवण यात्रा के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को अयोध्या दर्शन का अवसर भी दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत हुआ है।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है कि सरोजनीनगर की असली ताकत यहां की जनता है। उनके अनुसार, योजनाएं तभी सफल होती हैं जब उनमें लोगों की भागीदारी और विश्वास जुड़ा हो।
स्थानीय स्तर पर हो रहे इन प्रयासों ने सरोजनीनगर को एक ऐसे मॉडल के रूप में स्थापित किया है, जहां विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई दे रही हैं।
