न्यूयॉर्क, 28 अप्रैल 2026। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस ने अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान के अधिकार का खुलकर समर्थन किया है। Vasily Nebenzya ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर यातायात नियंत्रित करने का पूरा अधिकार है।
रूसी दूत ने अपने संबोधन में पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान को ही पूरी तरह जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की जा रही है, जबकि स्थिति कहीं अधिक जटिल है। नेबेंजिया के मुताबिक, युद्ध जैसी परिस्थितियों में कोई भी तटीय देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने क्षेत्रीय जल में नौवहन को सीमित कर सकता है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध माना जाता है।
रूस ने पश्चिमी देशों की नीतियों की आलोचना करते हुए उन्हें “आधुनिक समुद्री डाकू” तक करार दिया। नेबेंजिया ने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश एकतरफा प्रतिबंधों और दबाव की नीति के जरिए अपने कदमों को सही ठहराने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यूरोपीय देशों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यूक्रेन द्वारा काला सागर में रूसी व्यापारिक जहाजों पर हमलों का समर्थन अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और Strait of Hormuz की सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, जिससे इसकी सामरिक और आर्थिक महत्ता और बढ़ जाती है।
इसी बीच, Abbas Araghchi की रूस यात्रा भी चर्चा में रही, जहां उन्होंने Vladimir Putin से मुलाकात की। इस दौरान रूस ने ईरान के साथ अपने समर्थन को दोहराते हुए मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने के प्रयास जारी रखने की बात कही।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुद्दे पर रूस का खुला समर्थन क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है, साथ ही वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
