मॉस्को, 16 मई 2026। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच रूस ने अमेरिका को बड़ा कूटनीतिक संदेश दिया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वास्तव में स्थायी शांति और समाधान चाहते हैं तो उन्हें पाकिस्तान के बजाय भारत की कूटनीतिक क्षमता और अनुभव पर भरोसा करना चाहिए।
ब्रिक्स मंच पर बोलते हुए सर्गेई लावरोव ने कहा कि पाकिस्तान फिलहाल सीमित स्तर पर मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है, लेकिन दीर्घकालिक और भरोसेमंद समाधान के लिए भारत अधिक सक्षम देश है। उन्होंने कहा कि भारत के पास जटिल अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने का व्यापक अनुभव और वैश्विक स्तर पर मजबूत साख है।
रूस की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन यात्रा पर हैं और ईरान संकट को लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।
रूसी विदेश मंत्री ने संकेत दिया कि भारत संतुलित विदेश नीति, कूटनीतिक विश्वसनीयता और वैश्विक स्वीकार्यता के कारण अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रूस की ओर से यह भी कहा गया कि पाकिस्तान की भूमिका केवल सीमित परिस्थितियों तक उपयोगी हो सकती है, जबकि भारत लंबे समय तक टिकाऊ समाधान निकालने की क्षमता रखता है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में रूस की यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका के संकेत के रूप में देखी जा रही है।
उधर, डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका चीन के साथ मिलकर ईरान संकट पर कोई साझा रणनीति तैयार करने की कोशिश कर रहा है, ताकि क्षेत्र में तनाव कम किया जा सके।
हालांकि रूस के इस बयान को लेकर अभी तक अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
