नई दिल्ली, 18 फरवरी (RNN)। देश में पवित्र रमजान माह की शुरुआत बृहस्पतिवार, 19 फरवरी से होगी। नई दिल्ली-एनसीआर में बादल और बारिश के कारण चांद का दीदार नहीं हो सका, लेकिन देश के कई हिस्सों से चांद दिखने की पुष्टि होने पर पहला रोज़ा बृहस्पतिवार को रखा जाएगा।
फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में मौसम खराब रहने के कारण चांद नजर नहीं आया, जबकि बिहार के पटना और औरंगाबाद सहित झारखंड के कई क्षेत्रों से चांद दिखने की सूचना प्राप्त हुई है। इन प्रमाणिक सूचनाओं के आधार पर रमजान की शुरुआत का ऐलान किया गया।
जामा मस्जिद के शाही नायब इमाम सैयद शाबान बुखारी ने भी बयान जारी कर कहा कि रमजान-उल-मुबारक का चांद नजर आ गया है और 19 फरवरी को पहला रोज़ा रखा जाएगा।
इमारत-ए-शरिया हिंद ने अपने वक्तव्य में कहा कि दिल्ली में आसमान बादलों से ढका होने के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों से प्राप्त प्रमाणिक सूचनाओं के आधार पर रमजान माह की पहली तारीख 19 फरवरी तय की गई है।
इस्लामी परंपरा के अनुसार रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का होता है और इसकी अवधि चांद दिखने पर निर्भर करती है। रमजान के दौरान मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं और शाम को इफ्तार करते हैं। मस्जिदों में विशेष नमाज़ ‘तरावीह’ अदा की जाती है, जिसमें पूरे कुरान का पाठ किया जाता है।
रमजान की समयसारिणी के अनुसार दिल्ली में पहले रोज़े की सहरी का समय सुबह 5:26 बजे तक और इफ्तार का समय शाम 6:16 बजे निर्धारित किया गया है।
