तिरुवल्लुर, 18 अप्रैल 2026। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु के पोंनेरी (तिरुवल्लुर) में जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण से जुड़े हालिया विधेयक को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह बिल भले ही महिला आरक्षण के नाम पर पेश किया गया, लेकिन असल उद्देश्य परिसीमन के जरिए दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कमजोर करना था।
“संसद में साजिश को हराया”
राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष ने संसद में इस “छिपी हुई रणनीति” को समझते हुए मिलकर इसका विरोध किया और इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि परिसीमन के जरिए तमिलनाडु समेत दक्षिणी और छोटे राज्यों की सीटें कम करने की कोशिश की जा रही थी।
भाषा और संस्कृति पर हमला का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा पर तमिल भाषा और संस्कृति को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मैं तमिलनाडु में पैदा नहीं हुआ, लेकिन यहां के लोगों से मेरा गहरा रिश्ता है। तमिल भाषा और संस्कृति पर कोई भी हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
“भारत राज्यों का संघ है”
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत राज्यों का संघ है, जहां हर राज्य को समान अधिकार और अपनी पहचान बनाए रखने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्होंने “एक राष्ट्र, एक नेता, एक भाषा” जैसी सोच को संविधान की भावना के खिलाफ बताया।
चुनावी माहौल में तेज बयानबाजी
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने विपक्षी गठबंधन की ओर से केंद्र के कथित केंद्रीकरण के प्रयासों का विरोध करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि “दिल्ली से तमिलनाडु को नियंत्रित करने की कोशिश नहीं होने देंगे, राज्य अपने भविष्य का फैसला खुद करेगा।”
गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक चरण में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन और एनडीए के बीच माना जा रहा है, जबकि अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी भी चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है।
