नई दिल्ली, 14 फरवरी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य बीमा और विकलांगता पेंशन से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जो सरकार दूसरों को देशविरोधी बताती है, वही सैनिकों की सुरक्षा और सम्मान से खिलवाड़ कर रही है।
राहुल गांधी ने अपने “जनसंसद” कार्यक्रम के तहत पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश के लिए अपना जीवन दांव पर लगाने वाले जवानों की सेहत की जिम्मेदारी राष्ट्र की होती है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में पूर्व सैनिकों को आवश्यक सुविधाएँ समय पर नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) को पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं दिए जा रहे, जिसके कारण अस्पतालों को भुगतान में महीनों की देरी हो रही है। उनके अनुसार, अस्पतालों का हजारों करोड़ रुपये का बकाया लंबित है, जिससे कई अस्पताल योजना से बाहर हो रहे हैं और पूर्व सैनिकों के इलाज पर असर पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि युद्ध या सेवा के दौरान घायल सैनिकों की विकलांगता पेंशन पर कर लगाने का निर्णय परंपरा के विपरीत है और यह सैनिकों के सम्मान से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहने वाले सैनिकों के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है और सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।
हालाँकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
