नयी दिल्ली, 13 फरवरी (RNN)। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एप्स्टीन मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के स्पष्टीकरण को “सरासर झूठ” करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि वह किसकी तरफ से जेफ्री एप्स्टीन के संपर्क में थे। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पुरी का तत्काल इस्तीफा लेने की मांग की है।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि पुरी ने एक साक्षात्कार में दावा किया था कि उनकी एप्स्टीन से ज्यादा बातचीत नहीं हुई, जबकि ईमेल संवाद से यह स्पष्ट होता है कि वे स्वयं मुलाकात का आग्रह कर रहे थे। खेड़ा ने आरोप लगाया कि पुरी का यह बयान तथ्यात्मक रूप से गलत है।
यह विवाद उस समय गहरा गया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका में जारी ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में पुरी का नाम सामने आया है। इसके बाद पुरी ने पलटवार करते हुए कहा था कि उनकी एप्स्टीन से “कुछ मौकों पर” मुलाकात हुई थी, लेकिन उन बातचीतों का एप्स्टीन से जुड़े अपराधों से कोई संबंध नहीं था।
खेड़ा ने यह भी दावा किया कि 13 नवंबर 2014 को लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन को एप्स्टीन द्वारा भेजे गए एक ईमेल में ‘डिजिटल इंडिया’ का उल्लेख था, जबकि भारत में ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम जुलाई 2015 में शुरू हुआ। उनका कहना था कि इससे सवाल उठता है कि उस समय सरकार का हिस्सा न होने के बावजूद पुरी को इस पहल की जानकारी कैसे मिली।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पुरी किसकी ओर से एप्स्टीन के संपर्क में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कई तथ्य अब भी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। वहीं, भारतीय युवा कांग्रेस ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
