लखनऊ, 26 जून। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित देश के छह प्रमुख हवाई अड्डों के आसपास विश्वस्तरीय ‘एयरपोर्ट सिटी’ विकसित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड (AACL) ने की है। परियोजना के पहले चरण में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड की बड़ी घोषणा, एयरपोर्ट के आसपास बनेंगे होटल, मॉल, ऑफिस और एंटरटेनमेंट हब
इस परियोजना के अंतर्गत लखनऊ, मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर और गुवाहाटी एयरपोर्ट के आसपास आधुनिक शहरी केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन एयरपोर्ट सिटीज़ में होटल, रिटेल, मनोरंजन, कन्वेंशन सेंटर, कॉर्पोरेट ऑफिस, खानपान और व्यावसायिक सुविधाओं को एकीकृत रूप से विकसित किया जाएगा, ताकि यात्रियों, कारोबारियों और स्थानीय लोगों को एक ही स्थान पर सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
655 एकड़ से अधिक भूमि पर विकसित होगी परियोजना
कंपनी के अनुसार यह विकास योजना पांच राज्यों के छह हवाई अड्डों में फैले 655 एकड़ से अधिक भूमि बैंक पर आधारित है। इनमें से लगभग 440 एकड़ भूमि मुंबई और नवी मुंबई में स्थित है। इसी कारण प्रस्तावित कुल निवेश का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा भी इन दोनों शहरों में किया जाएगा, क्योंकि ये देश के प्रमुख व्यावसायिक, वित्तीय और विमानन केंद्र हैं।
लखनऊ को मिलेगा आधुनिक एयरपोर्ट इकोसिस्टम
लखनऊ एयरपोर्ट के आसपास विकसित होने वाली एयरपोर्ट सिटी से उत्तर प्रदेश को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। यहां यात्रियों को एयरपोर्ट से सटे होटल, आधुनिक कार्यालय, शॉपिंग सेंटर, रेस्टोरेंट, मनोरंजन केंद्र और कन्वेंशन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही इन्हें एयरपोर्ट, मेट्रो और शहर के अन्य परिवहन नेटवर्क से सहज रूप से जोड़ा जाएगा, जिससे आवागमन और भी आसान होगा।
वैश्विक मॉडल से प्रेरित होगी परियोजना
कंपनी ने बताया कि यह परियोजना दुनिया के सफल एयरपोर्ट डेवलपमेंट मॉडल से प्रेरित है। इसमें सिंगापुर का चांगी एयरपोर्ट, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नीदरलैंड का एम्स्टर्डम शिफोल एयरपोर्ट और दक्षिण कोरिया का इंचियोन इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे वैश्विक उदाहरणों को आधार बनाया गया है।
उद्देश्य भारत के तेजी से विस्तार कर रहे विमानन क्षेत्र में हवाई अड्डों को केवल यात्रा केंद्र नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, निवेश, पर्यटन और रोजगार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
जीत अदाणी बोले- एयरपोर्ट बनेंगे आर्थिक विकास के इंजन
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के निदेशक जीत अदाणी ने कहा कि दुनिया के कई देशों में हवाई अड्डे व्यापार, पर्यटन और शहरी विकास के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। भारत में भी विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और ऐसे में एयरपोर्ट निवेश, रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने का माध्यम बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसे आधुनिक शहरी केंद्र विकसित कर रही है, जहां यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें और साथ ही आसपास के शहरों के आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिले।
जीत अदाणी ने बताया कि इन परियोजनाओं की रूपरेखा वैश्विक स्तर की डिजाइन एवं इंजीनियरिंग कंपनियों के सहयोग से तैयार की जा रही है। इसमें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए होटल, वर्कस्पेस, रिटेल, मनोरंजन और सार्वजनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य ऐसे एकीकृत शहरी केंद्र विकसित करना है जो बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यात्रियों को उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करें, निवेश आकर्षित करें, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करें और आसपास के क्षेत्रों के दीर्घकालिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
कई वैश्विक कंपनियां होंगी परियोजना का हिस्सा
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए मास्टर प्लानिंग, डिजाइन, निर्माण और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों को शामिल किया गया है।
मास्टर प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर के लिए कोहन पेडरसन फॉक्स (KPF), बेनॉय और जनेरा स्पेस जैसी कंपनियां कार्य करेंगी। वहीं निर्माण कार्य में लार्सेन एंड टुब्रो (L&T), टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और पीएसपी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड भागीदारी निभाएंगी।
इसके अलावा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एवं कंसल्टिंग सेवाओं के लिए सीबीआरई (CBRE), जेएलएल (JLL) और कुशमैन एंड वेकफील्ड (Cushman & Wakefield) जैसी वैश्विक कंपनियां इस परियोजना से जुड़ी हैं।
लॉन्च कार्यक्रम में साझेदार कंपनियों का हुआ सम्मान
परियोजना के औपचारिक लॉन्च कार्यक्रम के दौरान अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड ने इस महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ी डिजाइन, इंजीनियरिंग, निर्माण और प्रबंधन क्षेत्र की सभी प्रमुख साझेदार कंपनियों का सम्मान भी किया।
इस परियोजना को भारत के विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे एयरपोर्ट केवल उड़ानों तक सीमित न रहकर भविष्य में आर्थिक विकास, निवेश, रोजगार, पर्यटन और आधुनिक शहरी जीवन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो सकेंगे।
