मणिपुर के नए मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने मोदी-शाह के विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प जताया

इंफाल, 4 फरवरी । मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद वाई. खेमचंद सिंह ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उन पर जताए गए विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

‘लोक भवन’ में शपथ ग्रहण के तुरंत बाद संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने कहा कि मणिपुर में 36 समुदाय निवास करते हैं और सभी समुदायों ने राज्य की भलाई के लिए लंबे समय तक योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “अब हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम मिलकर राज्य में शांतिपूर्ण वातावरण का निर्माण करें।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मुझ पर भरोसा जताया है और मैं उस भरोसे पर खरा उतरना चाहता हूं।”

इस अवसर पर कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली भाजपा विधायक नेमचा किपगेन और नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विधायक एल. डिखो ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। नेमचा किपगेन ने नई दिल्ली स्थित मणिपुर भवन से ऑनलाइन माध्यम से शपथ ग्रहण की।

इसके अलावा भाजपा के गोविंदास कोंथौजम और एनपीपी के नेता के. लोकेन सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। उपमुख्यमंत्री एल. डिखो ने कहा कि नई सरकार राज्य के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेगी और पहला कार्य जनता से संवाद स्थापित करना होगा।

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता एल. बसंत शर्मा ने कहा कि नई सरकार का गठन मणिपुर में शांति, सामान्य स्थिति और विकास की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विभिन्न समुदायों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में रहे हैं और लोकप्रिय सरकार की पुनर्स्थापना यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार मणिपुर के हितों को लेकर गंभीर है।

वहीं, मणिपुर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने ऑनलाइन शपथ ग्रहण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नेमचा किपगेन को इंफाल आकर शपथ लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि इंफाल घाटी में किसी भी समुदाय को खतरा नहीं है और ऑनलाइन शपथ यह संकेत देती है कि राज्य में एकता को लेकर केंद्र की इच्छाशक्ति कमजोर दिखाई देती है।

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