यूपी के 12 लाख शिक्षकों को बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू

अब शिक्षकों व आश्रितों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में भेजी गई डीबीटी राशि

वाराणसी/लखनऊ, 8 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी के पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल, बड़ा लालपुर में आयोजित कार्यक्रम से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। योजना लागू होने के साथ ही प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों तथा अन्य पात्र शिक्षा कर्मियों और उनके आश्रितों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा तो शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। सरकार शिक्षा के साथ-साथ शिक्षकों के सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र को भी मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इन कर्मचारियों को भी मिलेगा योजना का लाभ

योजना का लाभ केवल नियमित शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षामित्र, अनुदेशक, मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े रसोइये तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पात्र कार्मिकों को भी शामिल किया गया है।

लाभार्थियों को सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष अधिकतम 5 लाख रुपये तक का उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार वहन करेगी पूरा प्रीमियम

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक पर 3,000 रुपये का वार्षिक प्रीमियम राज्य सरकार वहन करेगी। योजना के संचालन पर सरकार प्रतिवर्ष लगभग 447 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका संचालन स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज के माध्यम से किया जाएगा।

योजना का उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराना है।

1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों को मिली डीबीटी राशि

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1,200 रुपये की धनराशि भी हस्तांतरित की। यह राशि विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग तथा स्टेशनरी की खरीद के लिए उपलब्ध कराई गई।

10 लाख कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए एमओयू

इस अवसर पर प्रदेश के लगभग 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल के माध्यम से पात्र कर्मचारियों को अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का सम्मान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के 12 प्रधानाचार्यों को सम्मानित भी किया। उन्होंने विद्यालयों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री संदीप सिंह तथा माध्यमिक शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री गुलाब देवी सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं पात्र शिक्षा कर्मियों को लाभ।
  • नियमित शिक्षकों के साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइये एवं अन्य पात्र कार्मिक भी शामिल।
  • सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा।
  • प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर।
  • स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से उपचार की व्यवस्था।
  • प्रति शिक्षक 3,000 रुपये का वार्षिक प्रीमियम राज्य सरकार वहन करेगी।
  • योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 447 करोड़ रुपये का सरकारी व्यय।
  • गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *