लखनऊ, 18 मई 2026। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन और लखनऊ मेट्रो के नए कॉरिडोर को मंजूरी जैसे बड़े फैसले शामिल हैं।
पंचायत चुनाव के लिए बनेगा ओबीसी आयोग
कैबिनेट ने पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। आयोग में पांच सदस्य होंगे और इसकी अध्यक्षता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। आयोग का कार्यकाल छह महीने तय किया गया है।
सरकार के अनुसार आयोग पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण की स्थिति का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगा। माना जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट नवंबर 2026 तक आ सकती है, जिसके बाद ही पंचायत चुनावों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में पंचायत चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव के बाद होने की संभावना जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि 4 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने सरकार को आयोग गठन का निर्देश दिया था।
वेटनरी छात्रों को बड़ी राहत
कैबिनेट बैठक में बीवीएससी एंड एएच के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। प्रदेश के वेटनरी कॉलेजों में हर वर्ष लगभग 2 से ढाई हजार छात्र प्रवेश लेते हैं और वर्तमान में 10 हजार से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। सरकार के इस फैसले से छात्रों को आर्थिक राहत मिलेगी।
लखनऊ और आगरा मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी
लखनऊ मेट्रो के चारबाग से बसंतकुंज कॉरिडोर के एमओयू को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी। वहीं आगरा मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 के तहत आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मेट्रो स्टेशन और वायाडक्ट निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
स्वास्थ्य और बिजली क्षेत्र में बड़े फैसले
स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग को जमीन उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है, जिससे प्रयागराज और आसपास के जिलों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
इसके अलावा मिर्जापुर में लगभग 2800 करोड़ रुपये की लागत से बड़ा बिजली उपकेंद्र और नई बिजली लाइनें बनाई जाएंगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
लोहिया संस्थान में बनेगा नया इमरजेंसी अस्पताल
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नए परिसर में 1010 बेड का मल्टी स्पेशियलिटी इमरजेंसी अस्पताल, नया टीचिंग ब्लॉक और ओपीडी ब्लॉक बनाने को मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर करीब 855 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
