लखनऊ, 14 फरवरी 2026। न्याय तक आमजन की सुलभ पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रदेश के 74 जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के लिए मल्टी यूटिलिटी विधिक सेवा प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा राज्य स्तरीय मध्यस्थता हेल्पलाइन का औपचारिक शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ परिसर में भव्य रूप से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय, न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर तथा न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी सहित अनेक वरिष्ठ न्यायमूर्ति एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक जिले को विधिक जागरूकता के लिए विशेष प्रचार वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों के माध्यम से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में निःशुल्क विधिक सहायता, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा नागरिक अधिकारों से संबंधित जानकारी सीधे लोगों तक पहुँचाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यह पहल समाज के अंतिम पायदान तक न्याय व्यवस्था की पहुँच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय मध्यस्थता हेल्पलाइन 1800-180-1212 का भी शुभारंभ किया गया। इस हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक अपने पारिवारिक, सामाजिक अथवा दीवानी विवादों के समाधान हेतु मध्यस्थता प्रक्रिया के बारे में निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली को मजबूत बनाते हुए न्यायिक प्रक्रिया के बोझ को कम करने में सहायक सिद्ध होगी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनु कलिया, सदस्य सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि न्याय तभी सार्थक है जब वह त्वरित, सुलभ और सर्वसुलभ हो।
विशेषज्ञों के अनुसार विधिक सेवा प्रचार वाहनों और मध्यस्थता हेल्पलाइन की यह संयुक्त पहल न्यायिक जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाने के साथ-साथ विवादों के त्वरित समाधान की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगी।
