नई दिल्ली, 19 जुलाई। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और व्यापक जांच कराने की मांग की है।
दोनों नेताओं ने पत्र में कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद दान, सोने-चांदी तथा अन्य चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे कथित आरोपों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई आस्था के साथ मंदिर को समर्पित की है और इन आरोपों के बाद वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
खड़गे और राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेनदेन, दान राशि, बहुमूल्य धातुओं तथा अन्य चढ़ावों के प्रबंधन की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट और ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
पत्र में दोनों नेताओं ने यह भी उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने संसद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के कई सदस्यों का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और उनसे जुड़े संगठनों से रहा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी और जवाबदेही और अधिक बढ़ जाती है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी उचित नहीं है। उनका कहना है कि सरकार और ट्रस्ट की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन आरोपों पर कितनी पारदर्शिता, निष्पक्षता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा, “देश की जनता सब देख रही है।”
पत्र में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके पद, प्रभाव या राजनीतिक संबंधों की परवाह किए बिना उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच फिलहाल उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा की जा रही है। इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच अभी जारी है। कांग्रेस ने अब इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच की मांग कर इसे राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।