बलिया। जिले में एक कथित बलात्कार पीड़िता से मोबाइल फोन पर अश्लील और अभद्र बातचीत करना एक इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी को भारी पड़ गया। मामले का ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिला मुख्यालय स्थित पुलिस कार्यालय की अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर नरेश मलिक और उभांव थाना प्रभारी संजय शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने एक कथित बलात्कार पीड़िता से फोन पर अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया। दो दिन पहले इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
जानकारी के अनुसार, उभांव थाने में 20 फरवरी को 33 वर्षीय महिला की तहरीर पर वन विभाग में दारोगा पद पर तैनात उग्रसेन कुमार जायसवाल के खिलाफ बलात्कार और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर करीब छह महीने तक उसका शोषण किया और बाद में शादी से इंकार कर दिया।
पीड़िता ने अपने शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया कि मुकदमे की जांच के दौरान संबंधित पुलिस अधिकारियों ने उसे फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मिलने के लिए दबाव बनाया। साथ ही, कथित रूप से मदद के बदले अनुचित मांगें भी रखी गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
