नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित सम्मेलन स्थल भारत मंडपम में सोमवार को दुनिया के सबसे बड़े एआई सम्मेलनों में शुमार इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन के पहले ही दिन भारी भीड़, लंबी कतारों और सत्रों के प्रति अभूतपूर्व उत्साह ने कृत्रिम मेधा (एआई) के प्रति बढ़ती वैश्विक रुचि को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
सुबह साढ़े नौ बजे से पहले ही भारत मंडपम के बाहर प्रतिभागियों की लंबी कतारें देखी गईं। विभिन्न सत्रों के लिए निर्धारित हॉल क्षमता से अधिक भर गए, जिसके कारण कई प्रतिभागियों को खड़े होकर ही चर्चाएं सुननी पड़ीं। आयोजन स्थल पर देश-विदेश से आए प्रतिनिधि, नीति निर्माता, स्टार्टअप संस्थापक और तकनीकी विशेषज्ञ सक्रिय रूप से विचार-विमर्श में भाग लेते नजर आए।
सम्मेलन में वैश्विक प्रौद्योगिकी जगत के प्रमुख नाम शामिल हो रहे हैं। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के सीईओ दारियो अमोडेई के सत्र आगामी दिनों में आयोजित होंगे। सम्मेलन के अंतिम चरण में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की भागीदारी भी प्रस्तावित है।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में 3,250 से अधिक वक्ता और 500 से ज्यादा सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में एआई के भविष्य, रोजगार और कौशल विकास, सुरक्षित एआई ढांचा, जनरेटिव एआई के उपयोग, सार्वजनिक सेवाओं में एआई और वैश्विक शासन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हो रही है।
सम्मेलन के साथ आयोजित एआई एक्सपो विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां Google, NVIDIA, Amazon, Meta, OpenAI और Microsoft सहित प्रमुख कंपनियां अपने नवीनतम एआई समाधान प्रदर्शित कर रही हैं। एक्सपो में 300 से अधिक प्रदर्शनियां और 13 देशों के पवेलियन शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शिखर सम्मेलन भारत को वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करता है। सम्मेलन के माध्यम से ‘ग्लोबल एआई कॉमन्स’ जैसी पहल पर भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं, जिससे एआई तकनीक तक समान और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
सम्मेलन से पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को डिजिटल अवसंरचना और एआई क्षमता के क्षेत्र में उभरती वैश्विक शक्ति बताते हुए कहा कि देश प्रौद्योगिकी क्रांति की अगली लहर का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
तकनीकी नवाचार, वैश्विक सहयोग और नीति-निर्माण के संगम के रूप में यह सम्मेलन भारत को एआई युग में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है।
