कौशल ठहरा तो अवसर खोएगा भारत, AI से नहीं अज्ञान से है खतरा: डॉ. राजेश्वर सिंह

कौशल ठहरा तो अवसर खोएगा भारत, AI से नहीं अज्ञान से है खतरा: डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ, 2 जनवरी । सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं को सजग और तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा है कि AI से नहीं, बल्कि अज्ञान और कौशल-हीनता से सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने युवाओं से “AI का उपभोक्ता नहीं, उसका नियंत्रक बनने” का आग्रह किया।

सोशल मीडिया पर साझा अपने संदेश में डॉ. सिंह ने कहा कि AI अब भविष्य की अवधारणा नहीं, बल्कि वर्तमान की निर्णायक शक्ति बन चुका है, जो नौकरियों, कौशल, शासन और अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्परिभाषित कर रहा है। उन्होंने वैश्विक अध्ययनों का हवाला देते हुए बताया कि 2030 तक 86 प्रतिशत नियोक्ता अपने व्यवसाय में AI-आधारित बदलाव की अपेक्षा कर रहे हैं, जबकि 48 प्रतिशत छात्र स्वयं को AI-आधारित कार्यस्थलों के लिए तैयार नहीं मानते। AI से वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.8 ट्रिलियन डॉलर तक के योगदान का अनुमान है, लेकिन कौशल असमान रहा तो इसके लाभ भी असमान होंगे।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया कि AI न तो मानवता को समाप्त करेगा और न ही सभी नौकरियां खत्म करेगा, बल्कि वह पुराने और अप्रासंगिक कौशल को प्रतिस्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि दोहराव वाले कार्य- जैसे रूटीन लेखन, साधारण रिपोर्टिंग, डेटा प्रोसेसिंग और क्लेरिकल विश्लेषण अधिक जोखिम में हैं, जबकि जिन भूमिकाओं में मानवीय निर्णय, नेतृत्व, रचनात्मकता, नैतिकता और सहानुभूति आवश्यक है, वे भविष्य में अधिक सुरक्षित रहेंगी।

स्वास्थ्य सेवा, कानून, इंजीनियरिंग, शिक्षण, शासन, रक्षा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में भी AI साक्षरता अब अनिवार्य हो चुकी है। उन्होंने युवाओं से आलोचनात्मक सोच, प्रभावी संवाद, नेतृत्व, नैतिक जिम्मेदारी और टीमवर्क जैसे मानवीय कौशल के साथ-साथ AI टूल्स की समझ, उनके जिम्मेदार उपयोग और जोखिमों की पहचान विकसित करने पर जोर दिया।

डॉ. सिंह ने चेतावनी दी कि केवल डिग्री पर निर्भरता, रटंत शिक्षा और तकनीक की अनदेखी भविष्य के लिए घातक साबित होगी। उन्होंने कहा कि भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी के रूप में ऐतिहासिक अवसर है- यदि कौशल बढ़ेगा तो भारत नेतृत्व करेगा, और यदि कौशल ठहर गया तो अवसर हाथ से निकल जाएगा।

उन्होंने अपने संदेश का समापन इन शब्दों के साथ किया, “AI आपका भविष्य नष्ट नहीं करेगा, अज्ञान करेगा। आज की तैयारी ही कल की गरिमा तय करेगी।”

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