2 करोड़ की जीएसटी कर चोरी का खुलासा, फर्जी फर्म बनाकर खेल कर रहा था गिरोह; चार गिरफ्तार

शाहजहाँपुर। जनपद पुलिस ने फर्जी जीएसटी फर्मों के माध्यम से करीब दो करोड़ रुपये की कर चोरी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार, बिल्टी बुक, रजिस्टर तथा छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।

यह कार्रवाई नवंबर माह में थाना रोजा में दर्ज जीएसटी कर चोरी के मुकदमे की विवेचना के दौरान की गई। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस सेल, गैंगस्टर सेल और थाना रोजा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी। मुखबिर की सूचना पर टीम ने अटसलिया पुल के पास घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बिहार में अन्य व्यक्तियों के नाम पर फर्जी जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराते थे। इन फर्मों के नाम से फर्जी ई-वे बिल और बिल्टी तैयार कर माल परिवहन कराया जाता था। गिरोह गोरखपुर, आजमगढ़ और कुशीनगर से स्क्रैप खरीदकर मुजफ्फरनगर में सप्लाई करता था। फर्जी दस्तावेज व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ट्रक चालकों को भेजे जाते थे और उन्हें तय मार्ग व समय की जानकारी दी जाती थी, जिससे जांच से बचा जा सके।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह अब तक 200 से 250 स्क्रैप लदी गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पार करा चुका है। नवंबर 2025 में गिरोह की तीन गाड़ियां शाहजहाँपुर में पकड़ी गई थीं। इन्हें छुड़ाने के प्रयास में गिरोह के सदस्य यहां पहुंचे थे, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी और अंततः गिरोह का खुलासा हो गया।

गिरफ्तार आरोपियों में अखिलेश (निवासी दिल्ली), विपिन (निवासी गाजियाबाद), शिवओम उर्फ सुमित (निवासी मुजफ्फरनगर) तथा राहुल राणा (निवासी शामली) शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि गिरोह की गतिविधियों से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा है। मामले में वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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