हमीरपुर पुल हादसे में मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख की सहायता, घायलों को 50 हजार रुपये

लखनऊ, 29 मई (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का हिस्सा ढहने से हुए भीषण हादसे में छह श्रमिकों की मौत हो गई। हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि हमीरपुर में बेतवा नदी पर हुई जनहानि अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

सीएम ने जिला प्रशासन को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी करने और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।

देर रात हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार थाना लालपुर क्षेत्र के मोराकंदर और कुरारा क्षेत्र की मवाईजार को जोड़ने के लिए बेतवा नदी पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि करीब दो बजे तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक गिर गया।

अभिषेक गोयल ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से पहले ही खराब मौसम को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ मजदूर बारिश से बचने के लिए स्लैब के नीचे रखी मशीनों के पास खड़े थे, तभी हादसा हो गया।

राहत और बचाव कार्य जारी

अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए थे। मलबे में दबे छह लोगों की जानकारी मिली, जिनमें से पांच की पहचान कर ली गई है। स्लैब हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने का कार्य लगातार जारी है।

बताया जा रहा है कि मृतकों में बांदा और हमीरपुर जनपद के श्रमिक शामिल हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खराब मौसम के दौरान श्रमिकों के स्लैब के नीचे मौजूद होने को लेकर भी जांच की मांग तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि इस पुल का निर्माण राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के प्रयासों से कराया जा रहा था। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

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