मनरेगा की जगह आज से लागू हुआ VB-G RAM-G कानून, ग्रामीण रोजगार की नई व्यवस्था शुरू

मनरेगा की जगह आज से लागू हुआ VB-G RAM-G कानून, ग्रामीण रोजगार की नई व्यवस्था शुरू

नई दिल्ली, 1 जुलाई 2026 (RNN)। देश में बुधवार से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM-G) लागू हो गया। केंद्र सरकार का कहना है कि नया कानून ग्रामीण रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित न रखकर आधारभूत ढांचे के विकास, आजीविका संवर्धन और तकनीक आधारित पारदर्शी निगरानी से जोड़ेगा। इसके साथ ही लगभग दो दशक पुराना मनरेगा कानून समाप्त हो गया है।

नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों के पात्र सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जबकि मनरेगा में यह सीमा 100 दिन थी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण और रोजगार सृजन को नई दिशा देना है।

सरकार ने कानून के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। इनमें जल संरक्षण और जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत ढांचे का विकास, कृषि एवं आजीविका आधारित गतिविधियों को बढ़ावा तथा आपदा प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूल संरचनाओं का निर्माण शामिल है। इसके अलावा गांवों में सड़क, सार्वजनिक भवन, विद्यालय, स्वच्छता, सौर ऊर्जा, मत्स्य पालन, भंडारण और कौशल विकास जैसे कार्यों पर विशेष जोर रहेगा।

नए कानून में तकनीक आधारित निगरानी को अनिवार्य बनाया गया है। मजदूरों का बायोमेट्रिक सत्यापन, जीपीएस आधारित कार्य योजना, मोबाइल ऐप से रिपोर्टिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित विश्लेषण तथा सोशल ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार विकास योजनाओं को पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म और राष्ट्रीय ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक से भी जोड़ा जाएगा।

वित्तीय व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है। मनरेगा के विपरीत अब सामान्य राज्यों में केंद्र और राज्य के बीच व्यय का अनुपात 60:40 रहेगा, जबकि हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह 90:10 होगा। केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। साथ ही राज्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार जिलों और ग्राम पंचायतों के बीच संसाधनों के वितरण की अधिक जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार का कहना है कि मनरेगा के दौरान कई राज्यों में फर्जी जॉब कार्ड, कागजी कार्य, मशीनों के उपयोग और वित्तीय अनियमितताओं जैसी शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं कमियों को दूर करने तथा ग्रामीण रोजगार प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से VB-G RAM-G कानून लागू किया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मनरेगा के तहत 30 जून तक चल रहे सभी कार्य नए कानून के तहत बिना किसी व्यवधान के जारी रहेंगे तथा सत्यापित जॉब कार्ड अंतरिम अवधि में मान्य रहेंगे।

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