लखनऊ, 16 जून (यूएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में पहचान के संकट और ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश ने विकास, कानून-व्यवस्था और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
लखनऊ में आयोजित ‘डिजिटल लोकतंत्र संवाद त्रिवेणी’ के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राजधानी लखनऊ में पुलिस विभाग की जमीन पर एक कुख्यात माफिया का कब्जा था। सरकार की कार्रवाई और बुलडोजर अभियान के जरिए उस जमीन को मुक्त कराया गया और आज उसी स्थान पर अत्याधुनिक राज्य विधि विज्ञान संस्थान संचालित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और बढ़ती विधि विज्ञान संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी जिलों में चलित विधि विज्ञान वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे अपराधों की वैज्ञानिक जांच को और अधिक गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से रक्षा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस प्रक्षेपास्त्र निर्माण इकाई स्थापित की जा रही है, जिसके लिए राज्य सरकार ने लगभग 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है। उनके अनुसार इस परियोजना से प्रदेश की सामरिक क्षमता मजबूत होगी और हर वर्ष लगभग 135 करोड़ रुपये का वस्तु एवं सेवा कर राजस्व प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में चिकित्सकीय महाविद्यालयों की संख्या 41 से बढ़कर 83 हो चुकी है। इसके अलावा द्रुतगामी मार्गों, सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं, औद्योगिक निवेश और आधारभूत ढांचे के विकास में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने समाचार माध्यमों और डिजिटल सामग्री निर्माताओं से तथ्यपरक तथा सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज में स्वस्थ विमर्श और विकास की जानकारी पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंततः सत्य की ही विजय होती है और जनहित के मुद्दों को तथ्यात्मक रूप से सामने लाना सभी की जिम्मेदारी है।
