लखनऊ, 06 जुलाई 2026 (यूएनएस)। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर नगीना सांसद एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह “चोरी नहीं, बल्कि लूट और डकैती” है और पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की।
लखनऊ में सोमवार दोपहर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मसूद अहमद को पार्टी की सदस्यता दिलाने के बाद मीडिया से बातचीत में चंद्रशेखर ने कहा, “आपको याद है मोहम्मद बिन कासिम? मोहम्मद गोरी? मोहम्मद गजनी? वो तो एक बार, दो बार, तीन बार… यहां तो भाजपा ने पाइपलाइन बिछा दी रोज वाली कि रोज का रोज आना चाहिए। राम के नाम पर वोट भी ले रहे हैं, राम के नाम पर नोट भी ले रहे हैं और राम के नाम पर लोगों की आस्था को चोट भी दे रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि आस्था को व्यापार बना दिया गया है और गांवों में लोग भाजपा नेताओं को घुसने नहीं देंगे। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि “जो सत्ता आज बैठी है, वह राम के कंधे पर चढ़कर बैठी है। मुख्य अपराधियों को बचाने की कोशिश सरकार को भारी पड़ेगी।”
उन्होंने कहा, “मैं फैक्ट पर बात करूंगा, मैं तो वकील हूं। कहां हैं वह ईंटें? मिल गईं? अभी बहुत कुछ निकलेगा। जिस दिन यह खबर आई, उसी दिन 58 लाख रुपये जमा किए गए। कैमरे में लूट हो रही है।”
चंद्रशेखर ने कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना कहा कि “जो लोग दूसरों का भूत-भविष्य बताने का दावा करते हैं, वे भी डर रहे हैं कि सच बोलेंगे तो उन्हें निपटा दिया जाएगा। अगर सच जानते हैं तो बता दें कि किस-किस ने लूट की है, फिर एसआईटी की जरूरत ही क्या है?”
उन्होंने कहा कि एसआईटी पर उन्हें भरोसा नहीं है। “मैं फिर कह रहा हूं, सबकी धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच हो। दूध का दूध, पानी का पानी हो। लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ न हो।”
उन्होंने कहा, “मैं तो वकील हूं। एसआईटी पहले नहीं बनती, पहले एफआईआर होती है, फिर एसआईटी बनती है। एसआईटी कैसे बनती है और क्यों बनती है, यह पूरा देश जानता है। ऐसी एसआईटी खोलने के लिए नहीं, छिपाने के लिए बनती है।”
डॉ. मसूद अहमद का पार्टी में स्वागत
इस अवसर पर चंद्रशेखर ने उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मसूद अहमद को पार्टी का पटका पहनाकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता दिलाई। उन्होंने कहा कि डॉ. मसूद अहमद बहुजन आंदोलन के पुराने और वैचारिक सिपाही रहे हैं तथा मान्यवर कांशीराम के साथ लंबे समय तक काम किया है।
चंद्रशेखर ने बताया कि डॉ. मसूद अहमद ने उन्हें कांशीराम से जुड़ा एक पुराना प्रसंग सुनाया, जिसमें खलीलाबाद क्षेत्र में बहुजन आंदोलन को मजबूत करने के लिए उन्हें वहीं रुककर संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय सीमित संसाधनों के बावजूद बहुजन आंदोलन को मजबूत आधार मिला।
उन्होंने कहा कि आज साधन और संसाधन पहले से कहीं अधिक हैं, लेकिन सबसे जरूरी वैचारिक प्रतिबद्धता है। “जो लोग विचारधारा से जुड़े होते हैं, वे टूटते नहीं हैं। आज तो हालत यह है कि पहले आदमी टूटता था, अब पूरी पार्टियां टूट रही हैं।”
बहुजन एकता का आह्वान
चंद्रशेखर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसान, मजदूर, नौजवान, महिलाएं, दलित, पिछड़े, आदिवासी और मुसलमान यदि अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करें तो भाजपा को सत्ता से बाहर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह “चुनावी भाईचारा” नहीं बल्कि “असली भाईचारा” होना चाहिए। जहां किसानों पर अत्याचार हो, वहां किसानों के लिए; जहां दलितों पर अत्याचार हो, वहां दलितों के लिए; जहां मुसलमानों या पिछड़ों के अधिकारों का हनन हो, वहां सभी को मिलकर संघर्ष करना चाहिए।
2027 चुनाव पर बड़ा दावा
चंद्रशेखर ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी और किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी।
उन्होंने कहा, “हमने जमानत जब्त होने की पीड़ा भी देखी है और उसके बाद कमबैक भी किया है। इस बार चुनाव में असर दिखाएंगे। उत्तर प्रदेश की सरकार आजाद समाज पार्टी तय करेगी, मेरी बात याद रखिए।”
उन्होंने कहा कि पार्टी पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार संगठन मजबूत करने में लगी है। विभिन्न मंडलों में सम्मेलन, पिछड़ा वर्ग अधिकार सम्मेलन और मुस्लिम समस्या संवाद सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि नगीना लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी उनकी पार्टी बड़े राजनीतिक दलों को चुनौती देगी।
कार्यक्रम के अंत में चंद्रशेखर ने डॉ. मसूद अहमद से कहा कि वे अधिक से अधिक वैचारिक लोगों को पार्टी से जोड़ें। उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है और जो लोग वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध हैं, वही लंबे समय तक संगठन को मजबूत करते हैं।
