लखनऊ, 25 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘डिजिटल उत्तर प्रदेश’ विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। उनके नेतृत्व में संचालित रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और ई-गवर्नेंस सेवाओं के माध्यम से युवाओं एवं आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
सरोजनीनगर क्षेत्र में वर्तमान में 17 डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों तथा युवाओं को पूरी तरह निःशुल्क कंप्यूटर एवं डिजिटल शिक्षा प्रदान की जा रही है। इन केंद्रों पर डीसीए, एडीसीए, सीसीसी, ओ-लेवल, ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग और 3डी एनीमेशन जैसे आधुनिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को नई तकनीकों से जुड़ने और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिल रही है।
इन केंद्रों की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 1,001 से अधिक छात्र-छात्राएं विभिन्न डिजिटल पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जबकि 480 से अधिक विद्यार्थी वर्तमान में प्रशिक्षणरत हैं। यह पहल युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनाने का कार्य कर रही है।
डिजिटल शिक्षा के साथ-साथ इन केंद्रों के माध्यम से डिजिटल सुशासन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। 17 में से 7 केंद्रों पर ई-गवर्नेंस सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जहां अब तक 7,000 से अधिक नागरिकों ने विभिन्न ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्त किया है। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति, पेंशन, आधार से जुड़ी सेवाओं सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की ऑनलाइन सुविधाएं लोगों को उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है कि डिजिटल क्रांति का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य बनाना उनकी प्राथमिकता है। साथ ही प्रत्येक नागरिक तक सरकारी डिजिटल सेवाओं की सरल, पारदर्शी और त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल सरोजनीनगर’ केवल एक योजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं और नागरिकों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाने का अभियान है। आने वाले समय में डिजिटल शिक्षा और ई-गवर्नेंस सेवाओं का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा, ताकि सरोजनीनगर का हर युवा तकनीकी रूप से सशक्त बने और प्रत्येक नागरिक को अपने क्षेत्र में ही डिजिटल सुविधाओं का लाभ सहजता से उपलब्ध हो सके।
