जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे सपा सांसद, छात्रों को दिया समर्थन; बोले- ‘शिक्षा का मंदिर नहीं गिरने देंगे’

रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) द्वारा जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में समाजवादी पार्टी ने आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को सपा सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय पहुंचकर धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

रामपुर, 25 जुलाई। जौहर विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश के विरोध में समाजवादी पार्टी ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को पार्टी के सांसदों और पूर्व सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय पहुंचकर धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और उन्हें समर्थन का भरोसा दिया।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित प्रतिनिधिमंडल में सांसद इकरा हसन, रुचि वीरा और जियाउर्रहमान बर्क सहित कई नेता शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पहले रामपुर में बैठक की और उसके बाद जौहर विश्वविद्यालय पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों से संवाद किया।

जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे सपा सांसद, छात्रों को दिया समर्थन; बोले- 'शिक्षा का मंदिर नहीं गिरने देंगे'

मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय शिक्षा का एक महत्वपूर्ण संस्थान है और इसे किसी भी कीमत पर ध्वस्त नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता है तो वे उच्च अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का भी रुख करेंगे।

संभल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि विश्वविद्यालय के भवनों को ध्वस्त करने का आदेश वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संसद में भी उठाया जाएगा।

इससे पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के विधायकों और पूर्व विधायकों का प्रतिनिधिमंडल भी विश्वविद्यालय पहुंचकर छात्रों से मुलाकात कर चुका है।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन से मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा करेगा और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने की मांग करेगा। साथ ही पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपी जाएगी।

समाजवादी पार्टी का आरोप है कि विश्वविद्यालय के भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शिक्षा के अधिकार और संविधान की भावना के विपरीत है। पार्टी का कहना है कि विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर, पिछड़े, दलित और अन्य वर्गों के छात्र कम शुल्क पर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, इसलिए ध्वस्तीकरण से उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

Share this newsWhatsAppFacebookX

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *