गाजीपुर प्रकरण पर सपा प्रमुख का आरोप—कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न सरकार के इशारे पर

लखनऊ, 27 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। अखिलेश यादव ने गाजीपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के कथित उत्पीड़न को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि यह कार्रवाई सरकार के इशारे पर की गई है और इसमें भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका है।

पत्रकार वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि गाजीपुर में हुई घटना “संगठित तरीके” से कराई गई है और इसमें सरकारी तंत्र की भी संलिप्तता रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि सपा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के साथ खड़ी होकर उन्हें न्याय दिलाए।

सपा प्रमुख ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा समुदाय और पार्टी कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह राशि जुटाई जाएगी। साथ ही, पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा और महिला सभा अध्यक्ष सीमा राजभर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा।

गौरतलब है कि गाजीपुर में 15 अप्रैल को 17 वर्षीय किशोरी का शव गंगा नदी में मिला था। परिजनों ने यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। 22 अप्रैल को पीड़िता के परिवार से मिलने गए सपा प्रतिनिधिमंडल पर पथराव हुआ था, जिसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

वहीं, सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कुछ शरारती तत्व अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और विपक्ष इस मामले को अनावश्यक रूप से सनसनीखेज बना रहा है।

सोशल मीडिया पर दर्ज प्राथमिकी को लेकर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा से जुड़े पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई होती है, जबकि विपक्ष के खिलाफ सामग्री बनाने वालों पर कोई कदम नहीं उठाया जाता। उन्होंने इसे “चयनात्मक कार्रवाई” बताते हुए पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं और सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने पर एक पुस्तक का विमोचन भी किया।

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