मलिहाबाद में ‘महाराजा मल्हिया पासी द्वार’ को लेकर धरना, दोबारा स्थापना की मांग तेज

लखनऊ, मलिहाबाद क्षेत्र में हटाए गए ‘महाराजा मल्हिया पासी स्वागत द्वार’ को दोबारा स्थापित कराने की मांग को लेकर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और उनकी पत्नी विधायक जयदेवी कौशल धरने पर बैठ गए हैं। दोनों नेता अपने समर्थकों के साथ उसी स्थान पर बैठे हैं, जहां से द्वार हटाया गया था।

कौशल किशोर ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि जब तक स्वागत द्वार पुनः स्थापित नहीं किया जाएगा, तब तक वे धरना जारी रखेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान यातायात बाधित नहीं किया जाएगा। इस पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल समेत संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।

रात में हटाया गया था द्वार
पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 अप्रैल 2026 की रात करीब 3:14 बजे की है। कुछ अज्ञात लोग क्रेन और हाइड्रा मशीन की मदद से स्वागत द्वार को गिराते हुए सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं। इसके बाद द्वार को काटकर डीसीएम वाहन में लादकर ले जाया गया।

इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। मलिहाबाद थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।

पहले भी उठ चुका है मुद्दा
बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले भी पासी समाज के लोगों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसमें कौशल किशोर भी शामिल हुए थे। उस समय उन्होंने कहा था कि द्वार लगाने वाली कंपनी ने ही तकनीकी कारणों से इसे हटाया है और प्रशासन से बातचीत के बाद इसे दोबारा लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

स्थानीय लोगों में नाराजगी
द्वार हटाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों और पासी समाज में नाराजगी है। उनका कहना है कि यह द्वार उनके समाज के गौरव का प्रतीक है, जिसे बिना उचित जानकारी के हटाया गया।

फिलहाल, प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है। अब देखना होगा कि कब तक इस मुद्दे का समाधान निकलता है और स्वागत द्वार की पुनः स्थापना होती है।

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